आजमगढ़। अंतरराष्ट्रीय तनाव और युद्ध के चलते गैस आपूर्ति चेन बिगड़ने का असर अब सीधे जिले की रसोई तक पहुँच गया है। आलम यह है कि एक ओर उपभोक्ताओं को सिलिंडर के लिए हफ्तों इंतजार करना पड़ रहा है।
वहीं दूसरी ओर वितरण प्रणाली में गंभीर अनियमितताएं और कालाबाजारी की शिकायतें सामने आ रही हैं। सिलिंडर की होम डिलीवरी को लेकर गैस एजेंसी दावे तो कर रहे लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग दिखाई दे रही है।
किसी उपभोक्ता के मोबाइल पर बिना बुकिंग सिलिंडर डिलीवरी का मेसेज आ रहा है, तो किसी ने बुकिंग कराई लेकिन 10 दिन से अधिक समय बीतने के बाद भी सिलिंडर घर नहीं पहुंचा।
जिले में कुल 83 गैस एजेंसियां संचालित हैं और लगभग 12 लाख 60 हजार 932 गैस उपभोक्ता हैं। इसमें सामान्य उपभोक्ता, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थी और व्यावसायिक उपभोक्ता शामिल हैं। आपूर्ति विभाग का दावा है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को जिले की 83 एजेंसियों पर 19,922 बुकिंग के सापेक्ष 18,685 डिलीवरी दिखाई गई। लेकिन हकीकत में बड़ी संख्या में उपभोक्ता (सामान्य और उज्ज्वला लाभार्थी) एजेंसियों और डिलीवरी पॉइंट्स के चक्कर काट रहे हैं।