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Azamgarh News: पति-पत्नी की हत्या कर फेंका मिला शव, दो दिन पहले हुए थे अगवा, ग्रामीणों ने घेरा थाना

Thu, 16 Jun 2022 01:53 PM IST
उत्पल कांत संवाद न्यूज एजेंसी, आजमगढ़

सार

आजमगढ़ के पारा गांव निवासी इंद्रपाल मौर्या और उनकी पत्नी शकुंतला मौर्या बीते मंगलवार को अगवा कर लिए गए थे। दोनों का शव गुरुवार सुबह सड़क किनारे फेंका मिला। ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। 
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिस और लोग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आजमगढ़ के अंबारी बाजार स्थित जनता इंटर कॉलेज के सामने सड़क किनारे स्थित गड्ढे में गुरुवार सुबह दो दिनों से अपहृत पति-पत्नी का शव मिला। इसकी जानकारी फैलते ही क्षेत्र में सनसनी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना से नाराज मृतक के गांव वालों ने थाने का घेराव किया। पुलिस पर इस मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। 

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अहरौला थाना क्षेत्र के पारा गांव निवासी इंद्रपाल मौर्या बीते मंगलवार को अपनी पत्नी शकुंतला मौर्या के साथ बाइक से शाहगंज दवा लेने के लिए गए थे। दवा लेने के बाद लगभग तीन बजे उन्होंने घर फोन कर बताया कि वे घर के लिए निकल रहे हैं। देर शाम तक जब वह घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनके मोबाइल पर संपर्क करना शुरू किया।

फोन पर कहा था-..बड़ी मुसीबत में हूं 

कई प्रयास के बाद रात पौने नौ बजे फोन उठा तो इंद्रपाल ने बस इतना ही कहा कि वो बड़ी मुसीबत में है। इसके बाद फोन कट गया। परिजन अनहोनी की आशंका में तहरीर लेकर अहरौला थाने पहुंचे तो एसओ ने मुकदमा नहीं दर्ज किया। तब इंद्रपाल के भतीजे प्रदीप कुमार मौर्या ने आजमगढ़ एसपी अनुराग आर्या से संपर्क किया।

शव के पास ही मिली बाइक

एसपी के निर्देश पर 24 घंटे बाद बुधवार शाम अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ। वहीं गुरुवार सुबह फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के अंबारी बाजार स्थित जनता इंटर कॉलेज के सामने अपहृत दंपत्ति इंद्रपाल और शकुंतला का शव सड़क किनारे स्थित गड्ढे में पड़ा मिला। पास में ही उनकी बाइक भी गिरी थी।

राहगीरों ने शव देखा को पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची फूलपुर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी भेज दिया। मृतक एक पुत्र व दो पुत्रियों का पिता था। इंद्रपाल मौर्या फुलवरिया बाजार के सजनी मोड़ पर दुकान चलाता था। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया है।

थानेदार ने ग्रामीणों को धमकाया

घटनास्थल पर मौजूद पुलिस और लोग। - फोटो : अमर उजाला
पारा गांव के ग्रामीणों ने गुरुवार सुबह अहरौला थाने का धेराव कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस इस मामले में लापरवाही बरत रही है। एसओ गजानन चौबे ने घेराव कर रहे ग्रामीणों को डरा-धमका कर थाने से भगा दिया। इसके दो से तीन घंटे बाद ही अपहृत दंपत्ति का फूलपुर के अंबारी बाजार में शव सड़क किनारे फेंका हुआ मिला।

तीन के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
एसपी के निर्देश पर बुधवार शाम भतीजा प्रदीप के तहरीर पर तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। जिसमें पक्खनपुर गांव निवासी मकरंदा सिंह, उनके भाई नगीना सिंह व नगीना की पत्नी शामिल है। घटना के पीछे कारण भूमि का विवाद बताया जा रहा है।

सक्रिय होती पुलिस तो बच जाती जान

अपहृत दंपत्ति की लाश मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों में पुलिस के प्रति खासा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि अहरौला थाना पुलिस अपहरण की सूचना मिलते ही सक्रिय हो जाती तो शायद दंपत्ति की जान बच गई होती। भतीजे प्रदीप का आरोप है कि एसओ अहरौला को उन्होंने घटना वाले दिन ही सूचना दी। लिखित तहरीर भी दी गई लेकिन अहरौला पुलिस ने जांच-पड़ताल करना तो दूर मुकदमा दर्ज करने से इंकार करते हुए उन्हें बैरंग भेज दिया।
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बाद में एसपी के निर्देश पर बुधवार शाम मुकदमा दर्ज किया गया। यदि पुलिस समय रहते सक्रिय हो गई होती तो शायद उसके चाचा-चाची आज जीवित होते। ग्रामीणों ने अहरौला थाना पुलिस पर लापरवाही बरतने व अपराधियों से मिली भगत होने का भी आरोप लगाया है।
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