विपणन केंद्र हरैया में खुले में पड़ा धान और किसानों की खड़ी गाड़ी।
- फोटो : AZAMGARH
जिला गन्ना अधिकारी अशर्फी लाल ने बृहस्पतिवार को क्रय केंद्र लाहीडीह व खुरासन रोड एवं शमशाबाद का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान क्रय केंद्रों पर उठान की व्यवस्था डमाडोल मिली। क्रय केंद्र लाहीडीह पर कृषकों के तौल की प्रतीक्षा में 35 ट्रॉलियां खड़ी पाई गई जो 26, 27, 28 व 29 दिसंबर की थीं।
जिला गन्ना अधिकारी ने क्रय केंद्रों की व्यवस्था जांचने के लिए क्रय केंद्रों का निरीक्षण करने पहुंचे। पहले वह खुरासो रोड स्थित क्रय केंद्र पर गए। जहां 38 ट्रालियां तौल की प्रतीक्षा में खड़ी थी। क्रय केंद्र पर तौल का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा था। कांटा जांच करने पर सही पाया गया। इसके बाद वह क्रय केंद्र शमशाबाद का भी निरीक्षण करने पहुंचे। यहां क्रय केंद्र पर भी तौल का कार्य चल रहा था। कृषक रितेश राय की गन्ने से भरी ट्राली की तौल की गई। जिसका वजन 47 क्विंटल 25 किलो आया। वहीं किसानों द्वारा शिकायत किया गया कि चौकीदार द्वारा बिना एसएमएस दिखाए ही लोगों का नंबर तौल के लिए लगाया जा रहा है। सभी क्रय केंद्रों पर उठान की व्यवस्था अच्छी न होने पर चीनी मिल के अध्याशी को निर्देशित किया गया कि तत्काल उठान की व्यवस्था सही कराई जाए। जिससे कि कृषक एवं चीनी मिल दोनों को लाभ मिल सके। क्रय केंद्रों पर उपस्थित कृषकों से अपील की गई कि 31 दिसंबर 2021 रात 12 बजे तक अपना अपना घोषणा पत्र अवश्य भर दें, अन्यथा सट्टा बंद हो जाएगा। निरीक्षण के दौरान साथ मे जयेष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक सठियांव भी रहे।
पांच दिन से तौल के लिए क्रय केंद्र पर खड़ी धान लदी ट्रालियां
लाटघाट। सगड़ी तहसील क्षेत्र के विपणन केंद्र हरैया पर किसान परेशान हो रहे हैं। उनके द्वारा धान की तौल कराने के लिए विगत चार-पांच दिन से धान की गाड़ियां खड़ी हैं। किसान तौल के लिए परेशान हैं।
क्रय केंद्र पर सुरेश कुरसौली, रजनीकांत, सरगहा सागर, रजनीकांत राय, अवधेश राय सरगहा अपने धान की गाड़ियों में लादकर विगत चार-पांच दिन से परेशान पड़े हुए हैं। धान खरीद ना होने का कारण क्रय केंद्र पर गोदाम ना होने से धान रखने की कोई व्यवस्था नहीं है। खुले में करीब 200 से 250 कुंतल धान खुले में पड़ा हुआ है। ठेकेदार द्वारा धान की तौल नहीं किया गया। जिससे किसानों से क्रय करने में परेशानी हो रही है। विपणन केंद्र अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि गोदाम पर धान रखने की जगह नहीं है। कई बार कहा गया धान को उठवाकर मिल तक भिजवाने के लिए उसकी व्यवस्था नहीं हो पा रही है। जिससे किसानों से क्रय करने में समस्या हो रही है। मौसम खराब होने के बाद भी दर्जनों गाड़ियां धान की लगी हुई हैं। सड़क के किनारे खड़ी हैं और वहीं 250 कुंतल धान गोदाम के बाहर खुले में पड़ा हुआ है।