उसके पास से एक बैग में लैपटॉप, थंब स्कैनर, बने हुए फिंगर क्लोन व क्लोन बनाने के उपकरण आदि बरामद हुए। पूछताछ में उसने बताया कि ग्राहक सेवा केंद्र पर आए हुए लोगों का फिंगर क्लोनिंग कर एईपीएस के माध्यम से लोगों के खातों से बिना उनकी जानकारी के पैसे अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर लेता है।
पुलिस ने संबंधित धाराओं में चालान कर दिया है। आरोपी द्वारा किसके खाते से कितना पैसा उड़ाया गया है। इसकी जांच अभी चल रही है। साइबर अपराधी के पास से पुलिस ने एक लैपटॉप, पॉलीमर केमिकल, बायोमैट्रिक स्कैनर, 209 बने हुए फिंगर प्रिंट क्लोन, आधार कार्ड व पैनकार्ड बरामद हुआ है।
आजमगढ़ एसपी अनुराग आर्य
- फोटो : फाइल
आजमगढ़ एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अहांगिर शेख ने बताया कि एक साल पूर्व राबर्ट्सगंज से आए अजीत सिंह ने उसे फिंगर क्लोनिंग करना सिखाया। इसके बाद वह ग्राहक सेवा केंद्र पर आने वाले लोगों से उनके अंगुठे का निशान, आधार कार्ड अन्य डिटेल ले लेता है।
फिर उसी अंगुठे के निशान को बटर पेपर पर स्कैन कर रबर पर रख कर थंब इंप्रेशन मशीन के माध्यम से इंप्रेश करता है। जिससे उसक अंगूठे का निशान रबर या पॉलीमर पर आ जाता है और क्लोन फिंगर प्रिंट तैयार हो जाता है। इसके बाद फर्जी एईपीएस बैंकिंग आईडी से आधार कार्ड लिंक खातों से पैसा निकाल लेता है।