श्रावण मास के तैयारी के लिए भंवरनाथ स्थित शिव मंदिर की चल रही साफ सफाई।
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आजमगढ़। सावन मास का शुभारंभ रविवार को हो रहा है। पूरे दिन भोले बाबा के दरबार की साफ-सफाई और सजावट का कार्य चलता रहा। वहीं शिव मंदिरों के आस-पास पूजन सामग्री समेत अन्य दुकानें भी सज गई थी।
देश-विदेश में स्थापित शिव लिंगों में जहां काठमांडू के बाबा पशुपति नाथ, काशी के बाबा विश्वनाथ और देवघर के बाबा बैजनाथ धाम का विशेष महत्व माना जाता है। वहीं आजमगढ़ के लोगों के लिए बाबा भंवरनाथ के दर्शन-पूजन का खास महत्व है। नगर के पश्चिमी छोर पर स्थित मंदिर के बारे में मान्यता है कि दर्शन-पूजन करने से बाबा भंवरनाथ अपने भक्तों को संकटों मुक्ति दिलाते हैं। शायद यही वजह है कि शिव आराधना का कोई भी पर्व आता है तो शहर एवं आसपास के लोग यहां जरूर पहुंचते हैं। रविवार से सावन शुरू हो रहा है। सावन को लेकर शनिवार को पूरे दिन मंदिर में साफ-सफाई के साथ ही सजावट का काम होता रहा। शाम तक सभी कार्य पूरे कर लिए गए। वहीं देर शाम मंदिर में आने वाले भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर के लोग अपनी रणनीति बनाने में जुटे रहे। इसी क्रम में नगर के शंकर तिराहा, पुरानी कोतवाली, रेलवे स्टेशन बौरहवा बाबा मंदिर सहित अन्य शिवालयों में सफाई के अलावा सजाने व संवारने का कार्य पुजारी व मंदिर के लोगों ने किया। इसी क्रम में महाराजगंज बाजार स्थित भैरव बाबा मंदिर, मेहनगर में महामंडलेश्वर, फूलपुर में दुर्वासा धाम, निजामाबाद में दत्तात्रेय, रानी की सराय में अवंतिकापुरी धाम सहित सगड़ी तहसील के नैनीजोर स्थित शिव मंदिर में दिन भर साफ-सफाई का कार्य चलता रहा।