बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि ने जिले के किसानों को बर्बादी की कगार पर पहुंच दिया है। फसलों की बर्बादी देख जिले के फूलपुर और सदर तहसील क्षेत्र में सोमवार की रात दो की मौत हो गई। मरनेवालों में एक किसान और दूसरा एक किसान की पत्नी है। मंगलवार की सुबह हुई मौत की जानकारी मिलने पर दोनों स्थानों पर संबंधित तहसील के उपजिलाधिकारी पहुंचे। मौका मुआयना करने के बाद प्रशासन पीड़ित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा देने की कवायद शुरू कर दिया है।
फसल की बर्बादी को देख मरने वाले किसानों में रामजनम राजभर (55) सदर तहसील क्षेत्र के सराय सादी गांव का निवासी था। उसके पास डेढ़ बीघा खेती है। इसमें वह गेहूं की खेती की थी। इस बीच हुई बरसात तथा आंधी से उसकी फसल बर्बाद हो गई थी। सोमवार को हुई बारिश के बंद होने पर शाम को रामजनम अपने खेत की तरफ गया। वहां से देर शाम लौटा तो काफी निराश था।
उसके भाई बैजनाथ ने बताया कि रात होते-होते रामजनम की हालत गंभीर हो गई। उन्हें एक प्राइवेट डाक्टर के पास ले जाया गया। मंगलवार की भोर में उनकी मौत हो गई। बैजनाथ के अनुसार, उसका भाई पहले बीमार नहीं था। रामजनम की मौत की सूचना मिलने पर मंगलवार को एसडीएम सदर डा. अशोक सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मौका मुआयना किया गया। रामजनम को किसान दुर्घटना बीमा के साथ अन्य योजनाओं का लाभ देने की कवायद शुरू कर दी गई है।
मार्टिनगंज संवाददाता के अनुसार, फूलपुर तहसील क्षेत्र के कुरियांवा गांव निवासी रामकुमार मौसम की बेरुखी देख खेत में तैयार फसलों को मड़ाई के लिए उसे काटकर खलिहान में रख दिया था ताकि समय रहते वह मड़ाई कर सकें लेकिन थ्रेसर न मिलने से मड़ाई नहीं हो पाई थी। इस बीच सोमवार को अचानक बरसात शुरू हो गई। खलिहान में रखे गेहूं के 125 बोझ बुरी तरह से भीग गए।
बारिश बंद होने पर रामकुमार की पत्नी खंजारी देवी (55) देर शाम को खलिहान गई। फसलों की दशा देख खंजारी काफी दुखी मन से घर लौटी। रामकुमार के अनुसार, उसकी पत्नी काफी सदमे में थी। इस बीच रात को फिर बरसात हो गई तो उसकी हालत खराब हो गई। अस्पताल ले जाने से पहले उसकी मौत हो गई। सूचना पर मंगलवार की सुबह एसडीएम फूलपुर सत्यप्रकाश मिश्र पहुंचे। उन्होंने बताया कि खंजारी को किसान दुर्घटना बीमा का लाभ नहीं मिलेगा क्योंकि उसके नाम से जमीन नहीं है। जमीन उसके पति के नाम है।