रानी की सराय और गंभीरपुर थाने की पुलिस के हत्थे रविवार की सुबह चढ़े चार बदमाशों से हुई पूछताछ के दौरान पता चला कि यह सभी लूट की घटना को अंजाम देने नहीं, बल्कि निजामाबाद थाना क्षेत्र के रहने वाले एक ग्राम प्रधान की हत्या करने जा रहे थे। रंजिश के चलते प्रधान की हत्या करने की सुपारी इन्हें जेल में निरुद्ध एक बदमाश ने दी थी। 15 लाख रुपये में यह पूरा सौदा तय हुआ था। 50 हजार रुपये इन्हें पेशगी दी गई थी। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।
मेंहनगर थाना क्षेत्र के जमकी गांव निवासी अमरजीत यादव, इसी थाने के गोला बाजार निवासी रवि साहू, सोनू उर्फ सूफियान, हटवा खालसा गांव निवासी पंकज यादव, वीरभानपुर गांव निवासी मुन्ना उर्फ तिलकराज सिंह आदि ने नई गैंग बनाई है। इसने आजमगढ़ के अलावा मऊ, बलिया और गाजीपुर में ताबड़तोड़ लूट की कई घटनाओं को अंजाम देकर दहशत फैला रखी थी।
रविवार की रात एसओ रानी की सराय अमित सिंह को मुखबिर के जरिए सूचना मिलने पर पुलिस मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल पंकज यादव और मुन्ना उर्फ तिलकराज सिंह घायल हो गए। पुलिस इन दोनों के अलावा इनके साथी अमरजीत और रवि साहू को गिरफ्तार कर लिया, जबकि सोनू उर्फ सूफियान फरार हो गया।
पुलिस गिरफ्तार बदमाशों से गहनता से पूछताछ की तो इन सभी ने बताया कि उन्हें निजामाबाद थाना क्षेत्र के एक ग्राम प्रधान की हत्या करने की सुपारी मिली थी। जेल में निरुद्ध बदमाश से हत्या करने के लिए 15 लाख रुपये तय हुआ था। 50 हजार रुपयएडवांस दिया गया था। शेष रकम काम होने के बाद मिलनी थी। बदमाशों से हुई पूछताछ के दौरान इस बात का खुलासा होने के बाद पुलिस और सक्रिय हो गई। गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।
निजामाबाद थाना क्षेत्र के एक ग्राम प्रधान से जेल में निरुद्ध बदमाश की रंजिश चलती है। उसने प्रधान की हत्या के लिए 15 लाख रुपये में इन बदमाशों से सौदा किया था। पूछताछ के दौरान इस बात का खुलासा होने पर पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। - अजय कुमार साहनी, एसपी