आजमगढ़ जिले के रहने वाला एक युवक मऊ जिले के अपने एक साथी के साथ लखनऊ में 21 पिस्टल के साथ पकड़ा गया। स्पेशल टास्क फोर्स ने मुखबिर की सूचना पर लखनऊ के कामता तिराहे से दोनों को गिरफ्तार किया। दोनों अंतर्राष्ट्रीय असलहा तस्करी गिरोह का संचालन करते है। इस गिरोह में और भी सदस्य शामिल हो सकते है, जिनकी तलाश में एसटीएफ की टीम जुटी हुई है।
एसटीएफ को काफी दिनों से प्रदेश में असलहा तस्करी की सूचना मिल रही थी। जिस पर एसटीएफ असलहा तस्करी करने वाले गिरोह पर नजर रखे थी। मुखबिर की सूचना पर लखनऊ के कामता तिराहे से पुलिस ने जिन दो असलहा तस्करों को 21 पिस्टल के साथ पकड़ा उसमें जिले के जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के धनछुला गांव निवासी अमरेश सिंह पुत्र अनिल सिंह भी शामिल है।
इसके साथ पकड़ा गया साथी मऊ जिले के रानुपर निवासी प्रिंस कुमार सिंह पुत्र अनिल सिंह है। अमरेश व प्रिंस काफी दिनों से अवैध असलहा कारोबार में जुटे हुए है और मध्य प्रदेश के खंडवा व खरगोन जिले से अवैध असलहे लाकर उसकी प्रदेश ही नहीं देश व विदेश में भी सप्लाई करते थे।
एक ओर जिले के रहने वाले युवक की लखनऊ में असलहा तस्कर के रूप में गिरफ्तारी हुई और वहीं जनपद पुलिस के पास इसके बारे में कोई खास जानकारी नहीं थी। काफी पूछताछ के बाद प्रभारी निरीक्षक जीयनपुर कोतवाली स्वतंत्र सिंह ने बताया कि धनछुला निवासी अमरेश सिंह के लखनऊ में पकड़े जाने की सूचना आ रही है, लेकिन पूरी जानकारी अभी नहीं हो सकी है। जीयनपुर कोतवाली में इसके खिलाफ 2018 में आईपीसी की धारा 307 में एक मुकदमा पंजीकृत है।