मिर्जापुर ब्लाक से प्रमुख पद की तैयारी में जुटे बलवंत यादव शुक्रवार को जेल भेज दिए गए। शहर कोतवाली पुलिस ने शांतिभंग की धारा में चालान कर दिया मगर कंधरापुर थाने में उनके विरुद्ध दर्ज मुकदमे के चलते एसडीएम न्यायालय से ही उन्हें जेल जाना पड़ा।
उधर इस कार्रवाई से नाराज बलवंत के समर्थक एसपी दफ्तर के बाहर जमकर हंगामा करने लगे। बाद में पुलिस अधीक्षक से बातचीत के बाद सभी वापस लौट गए।
बताते चलें कि नगर कोतवाली क्षेत्र के देवपार गांव निवासी पूर्व प्रमुख साधू यादव के पुत्र बलवंत यादव को प्रस्ताव को धमकाने के आरोप में पुलिस ने गुरुवार की शाम गिरफ्तार कर लिया। सुबह पुलिस ने शांतिभंग की आशंका में केस दर्ज कर लिया।
सिपाही बलवंत को लेकर एसडीएम न्यायालय में पहुंचे तो एसडीएम डा. अशोक कुमार सिंह ने उन्हें शांति भंग की आशंका में जमानत दे दी लेकिन वहां पहले से मौजूद कंधरापुर थाने की पुलिस ने एक अन्य मामले में बलवंत को गिरफ्तार कर लिया।
दीवानी न्यायालय में पेश करने के बाद कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया। एसओ कंधरापुर ने बताया कि बलवंत के विरुद्ध तीन अक्तूबर को आखापुर गांव निवासी उमेश गौतम ने गालीगलौज, जान मारने की धमकी और दलित उत्पीड़न एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में बलवंत फरार चल रहे थे।
उधर बलवंत यादव के जेल भेजे जाने की सूचना से नाराज उनके समर्थक पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने लगे। उन्हें जल्द छोड़ने के लिए एसपी से मिले। एसपी ने समर्थकों से कहा कि अगर मुकदमा दर्ज है तो पुलिस कार्रवाई करेगी। एसपी नगर विनोद कुमार ने बताया कि कंधरापुर थाने में बलवंत के विरुद्ध दर्ज मुकदमे की वजह से गिरफ्तार किया गया है।