जहानागंज थाना क्षेत्र के बजहां गांव में सोमवार की सुबह अपने पेड़ की उतारी ताड़ी पीने से एक अधेड़ की मौत हो गई, जबकि छह लोग बीमार हो गए। उन्हें दस्त और उल्टी हो रही है। इनमें से चार लोग इलाज कराकर घर चले गए, जबकि दो का अभी भी पीएचसी जहानागंज में इलाज चल रहा। वहीं सरकारी अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि ये लोग फूड प्वाइजनिंग के शिकार हैं। जिला आबकारी अधिकारी ने पूरे घटना की जांच कर क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक से रिपोर्ट मांगी है। परिवार के लोगों ने बगैर पोस्टमार्टम कराए पीएम कराए ही सोमवार की देर रात अंतिम संस्कार कर दिया।
अधेड़ रामबचन राजभर (50) जहानागंज थाना क्षेत्र के बजहां गांव का निवासी था। उसके चार बेटों हैं। रामबचन के दरवाजे के सामने ताड़ का पेड़ है। सोमवार की सुबह उसके पेड़ से ताड़ी उतारी गई। ताड़ी रामबचन के अलावा उसका बेटे मोनू (20), बहू प्रेमशीला (25) पत्नी राजू राजभर, पड़ोस के प्रह्लाद राजभर (35) उसके पिता रामकिसुन (50), कमलेश (30) और मारकंडेय पांडेय (60) ने ताड़ी पी। इसके कुछ देर बाद इन सब लोगों की को उल्टी-दस्त होने लगी। पहले तो इन लोगों ने स्थानीय डाक्टर से दवा ली। फायदा न होने पर शाम को सभी को पीएचसी, जहानागंज में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान रामबचन राजभर की मौत हो गई। जबकि उसके बेटे मोनू और मारकंडेय पांडेय का इलाज चल रहा। शेष अन्य लोगों के हालत में सुधार होने पर डाक्टर ने घर भेज दिया। परिवार के लोगों ने सोमवार की देर रात को ही बगैर पोस्टमार्टम कराए रामबचन का अंतिम संस्कार कर दिया। पीएचसी जहानागंज के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. राजेश राम ने संभावना जताई कि गर्मी के मौसम में खाली पेट ताड़ी पीने की वजह से इन्हें फूड प्वाइजनिंग के लक्षण दिख रहे हैं। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक जहानागंज नदीम अहमद फरीदी ने बताया कि रामबचन के मरने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
ताड़ी पीने से किसी की मौत नहीं होती है। यदि ताड़ी में कुछ मिलाया जाएगा तो वह जरूर जहरीला हो जाता है। क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक से पूरे मामले की जांच पड़ताल करते हुए रिपोर्ट तलब की गई है। जांच रिपोर्ट आने पर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
- सुदर्शन सिंह, जिला आबकारी अधिकारी