आजमगढ़। प्रशासन की जांच के बाद आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रबंधक के खिलाफ 2014 में फर्जी खतौनी के नाम पर विधायक निधि से 26.50 लाख लेकर गबन करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। स्कूलों की मान्यता रद करने के आदेश भी जारी किए गए थे। एफआईआर में आरोपियों से मिलीभगत कर रिपोर्ट लगाने वाले जांच अधिकारी को डीआईजी सस्पेंड भी कर चुके हैं। लेकिन नोटिस भेजने के तीन माह बाद भी प्रशासन की ओर से स्कूल प्रबंधक और प्रशासन के खिलाफ बयान देने वाले जेई पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पूर्व माध्यमिक विद्यालय, शिशु निकेतन और एमके राय आदर्श इंटर कालेज भगवानपुर ठेकमा के प्रबंधन ने कूट रचित अभिलेखों के आधार पर विभिन्न वित्तीय वर्षों में विधायक निधि से स्कूलों के विकास के नाम पर 26.50 लाख रुपये प्राप्त किए गए थे। मामले में जांच डीएम के आदेश पर तत्कालीन सीडीओ अनिल मिश्र और पीडी शिव कुमार पांडेय ने की थी। खतौनी फर्जी पाए जाने और स्कूलों के नाम पर दिखाई गई जमीन सरकार की होने पर तत्कालीन डीएम रणवीर प्रसाद के निर्देश पर 22 अगस्त 2014 डीआरडीए के जेई अशोक तिवारी की ओर से कालेज प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कालेज के खिलाफ वसूली के लिए आरसी भी कटी, लेकिन प्रबंधन कोर्ट चला गया। इस दौरान पाया गया कि आरसी नियमानुसार जारी नहीं की गई। कोर्ट ने प्रशासन को नियमानुसार कार्रवाई के आदेश दिए।
वहीं, थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट के जांच अधिकारी एसआई जयचंद भारती ने आरोपियों से मिलीभगत कर उन्हें क्लीनचिट दे दी। जेई ने भी कोर्ट में बयान दे दिया कि वो पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट है। इसकी जानकारी होने पर दो माह पहले तत्कालीन डीआईजी उदय शंकर जायसवाल ने जांच अधिकारी एसआई को सस्पेंड कर दिया था। इधर दिसंबर 2015 में तत्कालीन पीडी की ओर से जेई से स्पष्टीकरण मांगा गया। जवाब से संतुष्ट होने के बाद भी उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए आयुक्त ग्राम्य विकास को भी लिखा गया। आदेश के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतकर्ताओं की ओर से दोबारा कोशिश की गई तो जुलाई माह में स्कूल प्रबंधन को पीडी की ओर से नोटिस जारी की गई। नियमानुसार 15 दिन के भीतर नोटिस का जवाब देना था। इसके बाद आगे की कार्रवाई होनी थी।
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खंड शिक्षाधिकारी ने भी दर्ज कराई थी रिपोर्ट
आजमगढ़। फर्जी खतौनी में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद डीएम के निर्देश पर एबीएसए त्रिभुवन नाथ मिश्रा की ओर से भी कालेज प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसमें फर्जी कागजात के आधार पर मान्यता लेने का आरोप था। वर्ष 2016 में बीएसए से मांगी गई एक सूचना में उनकी ओर से बताया गया था कि मान्यता तथ्यों को छिपा कर ली गई थी और ये निरस्त करने योग्य है। इसके बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से मान्यता नहीं निरस्त की गई।
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शुल्क प्रतिपूर्ति घोटाले में भी नोटिस जारी
आजमगढ़। समाज कल्याण विभाग में हुए 50 करोड़ के शुल्क प्रतिपूर्ति घोटाले में भी पिछले दिनों 50 स्कूल-कालेजों को नोटिस जारी कर उक्त वर्ष में कालेज में पंजीकृत छात्रों के बारे में सूचनाएं मांगी गई थीं। इसमें एमके राय आदर्श इंटर कालेज और एमके राय द्वीप आदर्श बालिका महाविद्यालय भी शामिल था।
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सीडीओ का बयान मिलेगा
फाइल नंबर दो में वर्जन
फर्जी खतौनी के आधार पर विधायक निधि से 26.50 लाख रुपये लेकर गबन करने के मामले में प्रबंधक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। मामले में जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी जेई के खिलाफ भी जांच चल रही है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
अभिषेक सिंह, सीडीओ