आजमगढ़। जनपद पुलिस और पुलिस कप्तान इन दिनों सिर्फ एनकाउंटर और बड़े अपराध पर ही लगाम लगाने की कवायद में जुटे हुए है। पांच शातिर अपराधी मार गिराए गए तो दो दर्जन से अधिक धर दबोचे गए। एनकाउंटरों के चलते एसपी मुख्यमंत्री के हाथो सम्मानित भी किये गए, लेकिन छोटे अपराध पर अब तक लगाम नही लग। लूट, छिनैती, मारपीट जैसी घटनाओं में तो जिला स्तर पर सुनवाई ही नहीं हो रही है। परिणाम स्वरूप पीड़ित अब सीधे सीएम दरबार में गुहार लगा रहे है।
जिले की पुलिस प्रशासन भले ही क्राइम कंट्रोल का दावा कर रही हो, लेकिन वास्तविकता इससे एकदम इतर है। लूट, छिनैती, मारपीट जैसी घटनाओं में कोई कमी नहीं आई है। इसके पीछे एकमात्र कारण थाना स्तर पर पुलिस की निष्क्रियता है। बड़े अपराधियों का एनकाउंटर कर जनपद पुलिस क्राइम कंट्रेाल का दावा करने के साथ भले ही वाहवाही लूट ले, लेकिन छोटी घटनाओं में कार्रवाई तो दूर रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की जा रही है। यही कारण है कि पीड़ितों को अब न्याय के लिए सीएम दरबार में गुहार लगानी पड़ रही है। सीएम दरबार में पहुंचने वाली ऐसी शिकायते ही जनपद पुलिस के अपराध नियंत्रण के दावे की पोल खोल रहे है। इसके बाद भी पुलिस प्रशासन हरकत में नहीं आया है। सिर्फ अहरौला थाने की बात की जाये तो एक सप्ताह के अंदर यहां लूट की तीन घटनाएं घटी। 27 मार्च को अहरौला के बाकरकोल गांव निवासी चुन्नी राम से 15 हजार रुपये, 28 मार्च को रसूलपुर गांव के पास रणजीत बिंद से 25 हजार रुपये की लूट की गई। अतरौलिया कस्बे में शुक्रवार को ही सराफा की दुकान से उचक्का दो जड़ी झूमका ले उड़ा। इन सभी मामलों में पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की।
पवई थाना क्षेत्र के मकसुदिया गांव निवासिनी राधिका चौहान पत्नी मदन चौहान के साथ 16 दिसंबर 2017 को गांव में ही मारपीट करने के साथ ही गले से चेन और पचास हजार रुपये छीन लिये गए थे। इस मामले में पीड़िता ने थाने में सुनील यादव और महेंद्र यादव के खिलाफ तहरीर भी दी लेकिन अपराध नियंत्रण का दावा करने वाली जिला पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। थकहार कर राधिका ने मुख्यमंत्री की जनसुनवाई में शामिल होकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। जिसमें उसने छिनैती की घटना के साथ ही कोटेदार के खिलाफ अनियमितता की भी शिकायत की। राधिका की शिकायत पर मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष सचिव डॉ. आदर्श सिंह ने जिलाधिकारी को जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
पुलिस जिले में क्राइम शून्य करने में जुटी हुई है। जिले के अपराधियों पर तो लगाम लग चुका है, लेकिन पड़ोसी जनपद के कुछ अपराधी अभी यहां सक्रिय है। जिन पर कार्रवाई की रणनीति बन चुकी है। अपराध छोटा हो या बड़ा सभी पर पुलिस की पैनी नजर है। जहां तक लूट, छिनैती की शिकायत सीएम कार्यालय पहुंचने की बात है तो पूरा प्रयास है कि ऐसा न हो। पीड़ितों को जिले पर ही न्याय मिल जाए।
नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण, आजमगढ़।