मेहनाजपुर। लालगंज तहसील क्षेत्र के उमरी गांव निवासी 22 वर्षीय जय किशुन यादव पुत्र शोभनाथ यादव लगभग 2 वर्ष पूर्व आर्मी में भर्ती हुए थे। वर्तमान में वह काश्मीर में तैनात थे गुरुवार की देर शाम उनके निधन की सूचना परिवार को मिली। यह सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। श़ुक्रवार को मृत जवान का शव उनके पैतृक गांव पहुंचा। शव पहुंचते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया। परिवार के लोगों को बुरा हाल था। साथ में आए सेना के जवानों ने उनके शव को सलामी दी। लगभग दो वर्ष पूर्व जयकिशुन सेना में भर्ती हुआ था। वर्तमान में वह काश्मीर में तैनात था। अपनी बटालियन के साथ जाते समय वह अचानक गिरा और उसके सिर में पत्थर से चोट लग गई। साथ के जवान उसे लेकर अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गुरुवार को सेना की ओर से इसकी सूचना उसके परिवार वालों को दी गई। जैसे ही यह सूचना घर पहुंची रोना पीटना शुरू हो गया। जब गांव के लोगों को जयकिशुन की मौत होने की जानकारी हुई तो पूरा गांव शोक में डूब गया। शुक्रवार की दोपहर सेना का हेलीकाप्टर उनके शव को वाराणसी पहुंचा। वहां से शव वाहन में शव को लेकर सेना के जवान उनके घर पहुंचे। शव पहुंचने से पहले ही उनके घर से सामने काफी संख्या में गमजदा लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। जैसे ही शव पहुंचा जय किशन अमर रहे के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। तिरंगे में लिपटे जवान के शव को सेना के जवानों ने सलामी दी। मृतक तीन भाई बहनों में मझला था। एक बड़ा भाई मुंबई में रहता है और एक छोटी बहन 11 में पढ़ती है। जयकिशुन 14 जून को ही छुट्टी काटकर वापस कश्मीर गया था। शव के साथ आए सेना के जवान ने बताया कि पाकिस्तान बॉर्डर पर जयकिशनु की तैनाती थी। अचानक से पत्थर पर गिरे और ब्रेन में चोट लगी। जिसके बाद उधमपुर हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। 20 वीं कुमायूं बटालियन का जवान था। 21 वीं बटालियन फैजाबाद के जवानों ने सलामी दी। सलामी के बाद गाजीपुर औड़िहार स्थित शवदाह स्थल पर शहीद सैनिक का अंतिम संस्कार हुआ।
श्रद्घांजलि देने में टूटी दलीय सीमा
आजमगढ़। तरवां थाना क्षेत्र के उमरी गांव निवासी सेना के जवान जयकिशुन की सूचना जैसे ही जनपद पहुंची हर कोई मर्माहत दिखा। जैसे ही मृत जवान का शव गांव पहुंचा उसे अंतिम विदाई देने के लिए लोगों को हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान नेताओं ने भी दलीय सीमा से ऊपर उठकर मृत जवान को अंतिम विदाई दी। विदाई देने वालों में भाजपा नेता अखिलेश कुमार मिश्र, सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, पूर्व एमएलसी कमला प्रसाद यादव आदि ने अंतिम विदाई में शामिल होकर श्रद्घासुमन अर्पित किया।