अहरौला। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के कुसमहरा चांदपुर गांव के पास 28 अगस्त की सुबह करीब दस बजे गोली मारकर की गई अरविंद डिसूजा के हत्या की कहानी नामजद आरोपी प्रियंका के ही इर्दगिर्द घूम रही है। पुलिस को बस इस बात का पता लगाना है कि अंजाम कौन और किस किराए के शूटर से दिलवाया गया है। बुधवार को पूछताछ के दौरान पुलिस को एक और नई बात यह पता चली है कि करीब एक माह पूर्व किसी ने फोन कर उसे धमकी दी थी।
बता दें कि मऊ जिले के मोहम्मदाबाद गोहना थाना क्षेत्र के खैराबाद गतांव निवासी अरविंद डिसूजा उर्फ गुड्डू बीते नौ वर्ष से अहरौला बाजार के चांदनी चौक पर प्राइवेट अस्पताल चला रहा था। उसके अस्पताल में देखरेख आजमगढ़ शहर की रहने वाली प्रियंका करती थी। लेकिन बाद में किसी बात को लेकर दोनों के बीच तनाव हो गया और प्रियंका अलग हो गई। अब उसकी जगह पर कोई दूसरी युवती रह रही थी। 28 अगस्त की सुबह करीब दस बजे अरविंद अपनी स्कूटी से घर जा रहा था। जैसे ही वह कप्तानगंज थाना क्षेत्र के कुसमहरा चांदपुर गांव के पास पहुंचा कि पीछे से एक बाइक पर सवार दो बदमाशों ने ताबड़तोड़ दो गोली सीने में मारकर फरार हो गए। गोली लगने से घायल अरविंद डिसूजा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के संबंध में अरविंद के जीजा सिकंदर ने प्रियंका को नामजद और दो अज्ञात बदमाशों को आरोपित किया है। केस दर्ज करने के बाद पुलिस गुत्थी सुलझाने में जुटी है। पुलिस सूत्रों की मानें तो अरविंद के हत्या की कहानी नामजद आरोपी प्रियंका के ही ईर्दगिर्द घूम रही है। हालांकि यह जानकारी नहीं हो सकी है कि हत्या क्यों और किससे अंजाम दिलवाया गया है। बहरहाल पुलिस हत्या के कारण और शूटरों की तलाश में जुटी हुई है।
कोट
पुलिस अरविंद डिसूजा की हत्या की गुत्थी सुलझाने के बिलकुल करीब है। जबकि प्रमोद के हत्या का कारण सबको पता है। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए कप्तानगंज, तहबरपुर थाने की पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम को लगाया गया है। जल्द ही दोनों मामलों में लिप्त आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण