लालगंज (ब्यूरो)। बरदह थाना क्षेत्र के परसौली गांव निवासी बागेश्वर के आठ वर्षीय पुत्र विवेक सोनकर को मंगलवार की सुबह किसी जहरीले जंतु ने काट लिया। परिवार के लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर पहुंचे। उसकी हालत गंभीर देख डाक्टर ने बच्चे को रेफर कर दिया। बाद में उसकी मौत हो गई। इसको लेकर परिवार के लोगों ने शाम को अस्पताल पहुंचकर डाक्टर पर लापरवाही काआरोप लगाया। उधर, चिकित्सक का कहना है कि इलाज में लापरवाही का आरोप बेबुनियाद है।
बरदह थाना क्षेत्र के परसौली गांव निवासी विवेक (8) पुत्र बागेश्वर को मंगलवार की सुबह किसी जहरीले जंतु ने काट लिया। सुबह नौ बजे परिजन उसे लेकन सीएचसी लालगंज पहुंचे। जहां चिकित्सक ने कुछ देर रोक कर बच्चे का इलाज किया। हालत में सुधार होने पर परिवार के लोग दोपहर में बगैर चिकित्सक को बताए विवेक लेकर गांव चले गए जहां उसकी हालत फिर बिगड़ गई। इसके बाद परिवार के लोग उसे लेकर करीब तीन बजे अस्पताल पहुंचे। चिकित्सक ने फिर इलाज के बाद छोड़ दिया। इस बार भी घर वाले विवेक को लेकर चलेगए। परिवार के लोगों का आरोप है कि चिकित्सक ने इलाज के बाद बच्चे को फिर ठीक होने की बात कहते हुए घर भेज दिया था। शाम पांच बजे उसकी हालत और बिगड़ गई परिजन फिर उसे लेकर चिकित्सक के पास पहुचे। हालत गंभीर देख चिकित्सक ने उसे वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। परिवार के लोग विवेक को लेकर जौनपुर जारहे थे कि उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया। देर रात नौ बजे परसौली गांव के बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे और डाक्टर पर लापरवाही काआरोप लगाते हुए हंगामा किया। जानकारी होने पर पुलिस पहुंच गई। रात सवा नौ बजे तक दोनों पक्षों के बीच समझौते के लिए वार्ता चल रही थी।
इस संबंध में चिकित्सक डा. एसके सिंह ने कहा कि इलाज में लापरवाही का आरोप बेबुनियाद है। परिवार के लोग दोपहर में बिना बताए बच्चे को लेकर चले गए। फिर शाम को बच्चे को लेकर आए तो उसका हार्ट बीट कम हो गया था। बच्चे की हालत गंभीर देख उसे रेफर कर दिया था।