आजमगढ़। सरकार की तरफ से महिलाओं की सुरक्षा के प्रति तमाम कानून और हेल्पलाइन नंबर जारी करने के बावजूद जिले की महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। ना ही पुलिस की तरफ से ही शोहदों के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है। जिसका परिणाम है कि आए दिन महिलाओं के साथ बलात्कार, छेडख़ानी, छिंटाकशी जैसी घटनाएं हो रही हैं।
घटनाओं पर गौर करें तो बीते सोमवार को निजामाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव की दलित युवती के घर में घुसकर उसके ही गांव के दूसरे समुदाय के युवक मो. सफी छेडख़ानी करने लगा। विरोध करने पर उसकी मोबाइल और सिम कार्ड तोड़ दिया और युवती के ऊपर मिट्टी का तेल छिडक़र आग लगा दी। झुलसी युवती का वाराणसी के वीएचयू मेें इलाज चल रहा है। उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। यह मामला अभी शांत भी नहीं हो पाया कि मुबारकपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले तीन दूसरे समुदाय के युवक दलित बस्ती की रहने वाली किशोरी को बुधवार की रात अगवा कर लिया और घर से थोड़े दूर पर ले जाकर गैंगरेप किया। हालांकि पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि दो अभी भी फरार हैं। उनकी तलाश की जा रही है। महिला हिंसा से जुड़ी इन दोनों बड़ी घटनाओं को अलावा बुधवार की रात रोडवेज की बस में बैठकर परिवार के साथ वाराणसी से आजमगढ़ आ रही किशोरी को जबरन अपनी सीट पर बैठाकर निचलौल डिपो के कंडेक्टर छेडख़ानी करने लगा। वह परिवारवालों के सामने ही यह सबकुछ किया, लेकिन भय के चलते परिवार के लोग रास्ते में तो कुछ नहीं बोलेे, लेकिन आजमगढ़ डिपो पहुंचने केे बाद पुलिस को सूचना दिया। यह तो कुछ चंद उदाहरण हैं। लेकिन और भी कई ऐसे मामले क्षेत्र में आए दिन हो रही हैं। भय और लाज के चलते कोई जल्द विरोध नहीं कर पाता। ना ही ऐसे लोगों के विरुद्ध पुलिस की तरफ से ही कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है। सरकार की तरफ से महिला सुरक्षा के लिए 1090, एंटी रोमियो स्क्वाट आदि का गठन किया है। पर सारे प्रयास व्यर्थ दिख रहे हैं।