भाकपा किसान सभा के सदस्यों ने धरना देकर अपनी मांग रखी और तहसीलदार के माध्यम से संबोधित ज्ञापन राष्ट्रपति को भेजा। इन मांगों में मुख्य रूप से बिजली के निजीकरण के साथ जनसमस्याएं शामिल थी। जिनके निदान की अपील की।
बिजली के निजीकरण, किसानों और जनसमस्याओं सहित पांच सूत्री मांगों को लेकर रेडहा बिजली सब स्टेशन के सामने अखिल भारतीय किसान सभा ने धरना दिया। इस बीच धरना स्थल पर पहुंचे तहसीलदार को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
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धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज बेग ने कहा कि सरकार उद्योगपतियों के हाथों की कठपुतली बन गई है। किसानों के मुद्दे पर सरकार मौन हो जाती है, नहरों में पानी नहीं है, गन्ना की पर्ची नहीं मिल रही है। किसानों को उत्पादन का लागत मूल्य नहीं मिल रहा।
विकास के नाम पर बजट का बंदरबांट हुआ। बिजली विभाग दंबई कर रही है। मनमाने ढंग से कमजोर तपके से बिल वसूल रहा है। कनेक्शन काट कर जोड़ने के नाम पर अवैध वसूली कर रहा है। थाना, ब्लॉक, तहसील में भ्रष्टाचार व्याप्त है।
जिलाध्यक्ष त्रिलोकीनाथ ने कहा कि अहरौला-कप्तानगंज मार्ग को तत्काल जनहित में बनाया जाए। यदि जल्द मांग पूरी नहीं हुई तो वृहद आंदोलन करेंगे। धरने में रामकेवल, दिनेश पांडेय, रामलखन, पारस, हीरालाल, निर्मल, राजेंद्र, आशा, सुशीला, किस्मत्ती, गायत्री, इंद्राक्षी आदि शामिल थी।