फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पति, पत्नी को अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। वर्ष 2016 में बिलरियागंज थाना के नसीरपुर गांव निवासी एक लड़के को खौलते पानी में उबाल कर मौत के घाट उतारे जाने के मामले में दोषी पाए जाने पर पति और पत्नी को अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही कुल साठ हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया। शुक्रवार को यह सजा जनपद न्यायाधीश दिनेश चंद की अदालत ने सुनाई।
विज्ञापन

मुकदमे के अनुसार नसीरपुर गांव निवासी आजम पुत्र अजीज का लड़का मुदस्सिर जामितुल फलाह स्कूल में हाफिजा की पढ़ाई कर रहा था। घटना की बीती रात उसका लड़का लगभग आठ बजे खाना खाकर घर के बाहर टहलने के लिए निकला। देर रात जब वह घर वापस नहीं लौटा तो उसके परिजन खोजने निकले। 26 फरवरी 2016 को आजम को पता चला कि किसी लड़के का शव बिलरियागंज बाजार निवासी ईशा पुत्र सगीर अहमद के घर में पड़ा है। इस सूचना पर जब वह वहां पहुंचा तो देखा कि उसके बेटे का शव घर के एक भगोने में उबले हुए पानी में पड़ा था। इस मुकदमे के वादी को शव देखकर पूरा विश्वास हो गया कि मेरे बेटे की हत्या कर पहचान छिपाने के लिए उसका चेहरा झुलसा दिया गया है। इस मामले में बिलरियागंज थाना पुलिस ने अय्यूब नगर निवासी मोहम्मद ईशा पुत्र सगीर और काफिया पत्नी ईशा के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से इस मुकदमे की पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता प्रियदर्शी पीयूष कुमार त्रिपाठी ने इस मुकदमे के वादी आजम, इरशाद अहमद, मोहम्मद जाबिर, महफूज अहमद, डा.विनय कुमार, हेड कांस्टेबुल शिवभंजन प्रसाद, तत्कालीक थानाध्यक्ष रुपेश कुमार सिंह को बतौर साक्षी पेश किया और तर्को को रखा। अदालत ने उभय पक्षों के तर्को को सुनने के बाद हत्या के दोषी मोहम्मद ईशा और उसकी पत्नी काफिया को दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें