विवेचना में पुलिस ने दावा किया कि उक्त इमारत अपराधियों एवं गैंग के सदस्यों के जमावड़े तथा विभिन्न आपराधिक गतिविधियों की योजना बनाने का प्रमुख केंद्र रही। भवन के निर्माण, पुनर्निर्माण और मरम्मत पर खर्च की गई धनराशि भी कथित रूप से अपराध से अर्जित अवैध आय से की गई।
राजस्व विभाग द्वारा भूमि का चिन्हांकन एवं मूल्यांकन तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा भवन का तकनीकी मूल्यांकन कराने के बाद संपत्ति की अनुमानित बाजार कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई। पुलिस की विवेचना और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने माना कि अभियुक्त के पास भवन निर्माण और ऋण की किश्तों के भुगतान के लिए कोई वैध आय का स्रोत उपलब्ध नहीं पाया गया।
कृष्णचन्द्र राय वर्तमान में जेल में निरुद्ध है तथा प्रशासनिक आधार पर उसका स्थानांतरण पूर्व में अम्बेडकरनगर कारागार किया जा चुका है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) मधुवन कुमार सिंह के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी की उपस्थिति में थाना कोतवाली पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई। कृष्णचन्द्र राय के विरुद्ध विभिन्न थानों में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात, अपहरण, गैंगस्टर्स एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में कुल 16 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।