जयपुर बम धमाके में जिन चार दोषियों को उम्रकैद की सजा मिली है, उनमें से तीन सरवर आजमी, सैफुर्रहमान और मोहम्मद सैफ आजमगढ़ के हैं। दिल्ली के बाटला हाउस एनकाउंटर के बाद इन सबके नाम आतंकी घटनाओं से जुड़े थे। एनकाउंटर के बाद ही आतंकियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था।
अदालत ने जिन दोषियों को सजा सुनाई है, उनमें सरवर आजमी रौनापार थाना क्षेत्र के चांदपट्टी का रहने वाला है। उसके ऊपर 18 मुकदमे दर्ज हैं। उसका नाम राजस्थान के जयपुर और गुजरात के अहमदाबाद ब्लास्ट में सामने आया था।
सरायमीर थाना क्षेत्र के संजरपुर निवासी सैफ का नाम बाटला हाउस एनकाउंटर के दौरान सुर्खियों में आया था। पुलिस ने उसे एनकाउंटर स्थल से ही गिरफ्तार किया था। बाद में उसका नाम जयपुर और अहमदाबाद में हुए बम धमाकों में भी आया था। उसके ऊपर करीब 50 मुकदमे दर्ज हैं।
इसी तरह नगर कोतवाली क्षेत्र के बदरका मुहल्ले का रहने वाला सैफुर्रहमान का नाम बाटला हाउस एनकाउंटर के दौरान सामने आया था। एनकाउंटर के बाद उसकी गिरफ्तारी लखनऊ से हुई थी। वह भी बाटला हाउस के साथ ही जयपुर और अहमदाबाद बम धमाके में शामिल पाया गया था। उसके ऊपर करीब 44 मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में है।
सैफ के पिता शादाब उर्फ मिस्टर के दोस्त मसीउद्दीन ने बताया कि जयपुर की अदालत में कुल नौ मुकदमे चल रहे थे। एक मुकदमे में निचली अदालत से सजा मिलने के ऊपर की अदालत में चुनौती दी गई थी। इसी मामले में सजा हुई है। आठ मामलों में सब बरी हो गए थे।
बोले परिजन- हाईकोर्ट में करेंगे अपील
सैफ के पिता शादाब उर्फ मिस्टर के दोस्त मसीउद्दीन ने बताया कि इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे। क्योंकि जिन आठ मुकदमों में आरोपी बरी हुए थे, उन मुकदमों में भी निचली अदालत ने दोषी ठहराया था। लेकिन, हाईकोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था।
आजमगढ़ निवासी तीन आतंकी आज तक हैं फरार
जयपुर बम धमाकों में आजमगढ़ निवासी तीन आतंकियों को मंगलवार को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हालांकि आजमगढ़ के संजरपुर का बड़ा साजिद, शादाब अहमद और मोहम्मद खालिद उर्फ कोढ़ी अभी तक फरार हैं। सुरक्षा एजेंसियां उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकीं। बताया जाता है कि आजमगढ़ निवासी अन्य आतंकियों के साथ पाकिस्तान सहित अन्य देशों में शरण लिए हुए हैं।