आजमगढ़। अनलॉक-1 में सोमवार से न्यायालय भी आम लोगों के लिए खोल दिए गए। हालांकि छूट मिलने के बाद पहले दिन कोई खास भीड़ नजर नहीं आई। थर्मल स्कैनर से गेट पर आने वाले अधिवक्ताओं और वादकारियों की जांच की गई। इसके बाद ही उन्हें अंदर प्रवेश दिया गया। न्यायालय के संचालन के मद्देनजर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार शर्मा ने कहा कि अभी कुछ शर्तों के अधीन न्यायालय क्रियाशील किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि जनपद न्यायालय के समस्त न्यायालय न्यायिक कार्य और प्रशासनिक मामलों के लिए खुल गए हैं। प्रकरणों की वरीयता के संबंध निर्गत दिशा-निर्देशों का न्यायिक अधिकारियों की ओर से कड़ाई से अनुपालन किया जाएगा। विचाराधीन बंदियों से संबंधित रिमांड और अन्य न्यायिक कार्य मात्र वीडियो कांफ्रेंसिंग से किया जाएगा। यदि तकनीकी समस्या उत्पन्न होती है तो जिट्सी वीडियो कांफ्रेंस का प्रयोग किया जा सकता है। पीठासीन अधिकारी अवकाश पर हैं तो उस न्यायालय का कार्य उसके प्रभारी अधिकारी संपादित करेंगे। न्यायिक सेवा केन्द्र का उपयोग अधिवक्ता एवं वादकारियों से नए प्रकरणों को प्राप्त करने के लिए किया जाएगा। सभी ऐसे आवेदनों को सीआईएस में पंजीकृत किया जाएगा। सभी अधिवक्ता को ई-कोर्ट एप के संचालन की जानकारी दी जाएगी। एप के माध्यम से सूचीबद्ध प्रकरणों को देख सकेंगे। जिला प्रशासन एवं मुख्य चिकित्साधिकारी के आग्रह पर कभी भी जिला न्यायालय परिसर को निश्चित समयावधि के लिए बंद किया जा सकता है। न्यायालय परिसर खोले जाने से पूर्व और बंद करने के बाद पूर्ण स्वच्छीकरण और सफाई कराई जाएगी। सीएमओ की ओर से चार थर्मल स्कैनर उपलब्ध कराए गए हैं। जिला प्रशासन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से पर्याप्त संख्या में थर्मल स्कैनर उपलब्ध कराने को कहा गया है। प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देशित किया कि न्यायिक कार्य के संपादन के संबंध में न्यायालय के सभी हितधारकों (स्टॉक होल्डर्स) को आवश्यक जागरूकता अभियान के लिए सहायता प्रदान करेंगे।