आजमगढ़। जिला गन्ना अधिकारी से एक व्यक्ति ने वर्ष 2018 में पांच बिंदुओं पर जन सूचना मांगी थी। ससमय सूचना उपलब्ध कराने के बाद भी उस व्यक्ति ने 19 जुलाई 2018 को सूचना आयोग लखनऊ में अपील दायर कर दी। इस क्रम में गलत तरीके से अर्थ दंड लगा दिया गया। इसे उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ ने गलत पाया। सुनवाई में दंडादेश को स्थगित करते हुए उस व्यक्ति के खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
जिला गन्ना अधिकारी अशरफी लाल ने बताया कि वर्ष 2018 में रामकृष्ण मिश्र ने विभाग से संबंधित पांच बिंदुओं पर जन सूचना मांगी थी। उसे समय से जवाब भी दे दिया गया था बावजूद इसके वह सूचना आयोग लखनऊ में अपील दायर कर दिया था। किंतु आयोग के द्वारा गलत तरीके से रोपित अर्थ दंड को माननीय उच्च न्यायालय, खंडपीठ लखनऊ के द्वारा गलत पाया गया। जिस पर न्यायालय ने 17 नवंबर 2020 को सुनवाई में दंडादेश को स्थगित करते हुए विपक्षी को नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए हैं।