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कोरोना मरीज की फूल रही थी सांस तो परिजन छोड़ कर हुए फरार, देवदूत बनकर पहुंचे एंबुलेंस कर्मी

Thu, 20 May 2021 09:03 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़

सार


कोरोना संकटकाल में एंबुलेंस कर्मचारी देवदूत बनकर मरीजों को समय में अस्पताल पहुंचाने की सेवाएं दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में  एंबुलेंस कर्मी एक कोरोना मरीज के लिए देवदूत साबित हुए। 
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मरीज को अस्पताल पहुंचाने वाले एंबुलेसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 कोरोना ने तो मानवता के साथ ही अपनों के रिश्तों को भी खत्म सा कर दिया है। कोविड मरीजों को अब उनके अपने भी छोड़ कर फरार हो जा रहे है। ऐसे में उनके समक्ष अस्पताल इलाज को जाने में भी परेशानी खड़ी हो जा रही है। ऐसा ही एक मामला आजमगढ़ जिले के पल्हनी क्षेत्र का सामने आया। 45 वर्षीय व्यक्ति को कोविड पॉजिटिव होते ही परिजन उसे छोड़ कर चले गए।

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सांस फुलने पर एंबुलेंस को कॉल किया तो कोई उसे एंबुलेंस में चढ़ाने वाला नहीं था। अंतत: एंबुलेंसकर्मी ही उसे पकड़ कर चढ़ाए और फिर जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराए। पल्हनी निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति कोविड पॉजिटिव होने पर घर पर ही आईसोलेट हो गया। हालत गंभीर होने पर परिजन भी उसका साथ छोड़ दिए और उसे घर पर अकेला छोड़ कर चले गए।

दो दिन पूर्व उसकी हालत गंभीर हो गई और उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। परेशान हाल उक्त व्यक्ति ने 108 पर कॉल किया तो सीएचसी पल्हनी के ईएमटी रवि कुमार व पायलट मोहन चौरसिया तत्काल एंबुलेंस लेकर डीएम आवास के पीछे मरीज के घर पर पहुंच गए। मरीज को सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही थी और वह इस स्थिति में भी नहीं था कि स्वयं गाड़ी में सवार हो जाए।

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परिवार वाले तो पहले ही उसे छोड़ चुके थे तो वहीं आसपास के लोग मौजूद जरूर थे लेकिन कोई उसे चढ़ाने के बजाए दूर से मोबाइल से वीडियो बना रहे थे। स्थिति की नजाकत को समझते हुए एंबुलेंस कर्मी ही उसके लिए अपने हुए और ईएमटी व पायलट ने मिल कर उसे एंबुलेंस पर चढ़ाया और जिला अस्पताल लेजाकर भर्ती कराया।

एंबुलेंस सेवा के नोडल अधिकारी डॉ. वाईके राय ने बताया कि जिले में 108 की 51 एंबुलेंस है। जिसमें 26 कोविड मरीजों को सेवा मुहैया करा रही है। कोरोना काल में भी इन एंबुलेंस पर तैनात ईएमटी व पायलट पीड़ित मानवता की सेवा में जुटे हुए है। कई कोविड मरीजों को समय से अस्पताल पहुंचा कर इन एंबुलेंस कर्मियों ने उनकी जान तक बचाई है। 

आजमगढ़ में धड़ाम हो चुका है कोरोना का मीटर

आजमगढ़  में कोरोना का मीटर लगातार दूसरे दिन भी काफी नीचे ही रहा। बृहस्पतिवार को जिले में जहां सक्रमितों की संख्या में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई तो वहीं मौत पर भी ब्रेक सा लगता नजर आया। बृहस्पतिवार को मात्र 18 नए मरीज मिले तो एक मात्र महिला मरीज की मेडिकल कालेज में मौत हुई। नए संक्रमितों की संख्या में कमी पर स्वास्थ्य महकमे ने भी राहत की सांस ली है।

सीएमओ डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि बीते एक सप्ताह से जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी हुई है। बृहस्पतिवार को 2739 लोगों की कोरोना जांच की गई। जिसमें मात्र 18 की रिपोर्ट ही पॉजिटिव आयी है। यह जिले के लिए काफी राहत की बात है। उन्होंने बताया कि निश्चित तौर पर कोरोना कर्फ्यू के चलते यह स्थिति जिले में देखने को मिल रही है। बृहस्पतिवार को मिले 18 पॉजिटिव केस के बाद जिले में अब तक मिले संक्रमितों की कुल संख्या बढ़ कर 17435 पर पहुंच गई है।
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वहीं एक्टिव केस में भी बृहस्पतिवार को कमी आयी। बृहस्पतिवार को एक्टिव मरीजों की संख्या घट कर 839 पर पहुंच गई। जिले में जहां संक्रमितों की संख्या में कमी आयी है तो वहीं मेडिकल कालेज से भी अच्छी सूचना ही मिली है। बृहस्पतिवार को मात्र एक मरीज की ही मौत हुई थी।

नोडल अधिकारी डॉ. दीपक पांडेय ने बताया कि बीते 24 घंटे में जिले एकमात्र मौत हुई है। सरायमीर क्षेत्र की रहने वाली 50 वर्षीया महिला को बुधवार की शाम साढ़े चार बजे भर्ती कराया गया। बुधवार की देर शाम साढ़े सात बजे उसने दम तोड़ दिया। 
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