परिवार वाले तो पहले ही उसे छोड़ चुके थे तो वहीं आसपास के लोग मौजूद जरूर थे लेकिन कोई उसे चढ़ाने के बजाए दूर से मोबाइल से वीडियो बना रहे थे। स्थिति की नजाकत को समझते हुए एंबुलेंस कर्मी ही उसके लिए अपने हुए और ईएमटी व पायलट ने मिल कर उसे एंबुलेंस पर चढ़ाया और जिला अस्पताल लेजाकर भर्ती कराया।
एंबुलेंस सेवा के नोडल अधिकारी डॉ. वाईके राय ने बताया कि जिले में 108 की 51 एंबुलेंस है। जिसमें 26 कोविड मरीजों को सेवा मुहैया करा रही है। कोरोना काल में भी इन एंबुलेंस पर तैनात ईएमटी व पायलट पीड़ित मानवता की सेवा में जुटे हुए है। कई कोविड मरीजों को समय से अस्पताल पहुंचा कर इन एंबुलेंस कर्मियों ने उनकी जान तक बचाई है।
आजमगढ़ में कोरोना का मीटर लगातार दूसरे दिन भी काफी नीचे ही रहा। बृहस्पतिवार को जिले में जहां सक्रमितों की संख्या में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई तो वहीं मौत पर भी ब्रेक सा लगता नजर आया। बृहस्पतिवार को मात्र 18 नए मरीज मिले तो एक मात्र महिला मरीज की मेडिकल कालेज में मौत हुई। नए संक्रमितों की संख्या में कमी पर स्वास्थ्य महकमे ने भी राहत की सांस ली है।
सीएमओ डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि बीते एक सप्ताह से जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी हुई है। बृहस्पतिवार को 2739 लोगों की कोरोना जांच की गई। जिसमें मात्र 18 की रिपोर्ट ही पॉजिटिव आयी है। यह जिले के लिए काफी राहत की बात है। उन्होंने बताया कि निश्चित तौर पर कोरोना कर्फ्यू के चलते यह स्थिति जिले में देखने को मिल रही है। बृहस्पतिवार को मिले 18 पॉजिटिव केस के बाद जिले में अब तक मिले संक्रमितों की कुल संख्या बढ़ कर 17435 पर पहुंच गई है।
वहीं एक्टिव केस में भी बृहस्पतिवार को कमी आयी। बृहस्पतिवार को एक्टिव मरीजों की संख्या घट कर 839 पर पहुंच गई। जिले में जहां संक्रमितों की संख्या में कमी आयी है तो वहीं मेडिकल कालेज से भी अच्छी सूचना ही मिली है। बृहस्पतिवार को मात्र एक मरीज की ही मौत हुई थी।
नोडल अधिकारी डॉ. दीपक पांडेय ने बताया कि बीते 24 घंटे में जिले एकमात्र मौत हुई है। सरायमीर क्षेत्र की रहने वाली 50 वर्षीया महिला को बुधवार की शाम साढ़े चार बजे भर्ती कराया गया। बुधवार की देर शाम साढ़े सात बजे उसने दम तोड़ दिया।