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कोरोना ने बदली शिक्षा व्यवस्था, रखे जाएंगे छात्रों की सभी परीक्षाओं के अंकों के रिकॉर्ड

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आजमगढ़। कोरोना संक्रमण ने लोगों के जीवन में एक नया बदलाव तो लाया ही है। साथ ही शिक्षा व्यवस्था को भी बदलकर रख दिया है। जी हां अब यूपी बोर्ड के यूपी बोर्ड के स्कूलों को छात्रों के साल भर के अंक माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। यह व्यवस्था अबकी बार लागू हुई है। यूनिट टेस्ट, अर्द्घवार्षिक परीक्षा के अलावा वार्षिक और प्री. बोर्ड परीक्षा के अंक भी अपलोड किए जाएंगे।
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कोरोना के दौरान उत्पन्न स्थितियों से हुई परेशानी के बाद किया गया। गत वर्ष कोरोना की वजह से स्कूलों में परीक्षाएं नहीं हो पाईं। कई स्कूलों ने अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं नहीं कराई गईं तो कई ने अंतिम परीक्षा और प्री-बोर्ड परीक्षा कराई तो उसके अंकों का रिकॉर्ड नहीं रख पाए। कई स्कूलों को अंतिम गृह परीक्षा के बीच में ही कोरोना की वजह से स्कूल को बंद करना पड़ा। इस बार बोर्ड परीक्षा नहीं हुई और कक्षा नौ से 12 तक स्कूली परीक्षा व टेस्ट के औसत अंक के आधार पर बोर्ड रिजल्ट जारी किया गया। यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि बोर्ड को रिजल्ट को लेकर कोई परेशानी हो तो उसके पास पहले से ही औसतन अंकों का आधार हो। ऐसे में स्कूलों को अंकों का रिकॉर्ड अपने पास रखना होगा। ताकि बोर्ड जैसे ही अंक अपलोड करने का आदेश जारी तो स्कूल प्रक्रिया शुरू कर दें।
जिला विद्यालय निरीक्षक, आजमगढ, डा. वीके शर्मा ने बताया इस बार यूनिट टेस्ट के साथ बाकी परीक्षाओं को भी वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश है। यूनिट टेस्ट के अंकों को तो आंतरिक मूल्यांकन के अंक के तौर पर लिया जाएगा। अभी अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। इसके बाद कक्षा 10 और 12 के छात्रों की प्री-बोर्ड परीक्षाएं होंगी। जबकि बाकी कक्षाओं की गृह परीक्षा होगी। इस दौरान भी यूनिट टेस्ट होंगे। इन सभी के अंक ऑनलाइन अपलोड होंगे।
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