आजमगढ़। उच्च न्यायालय ने गबन के एक फर्जी मामले में एसओ सरायमीर व वादी मुकदमा को अवमानना की नोटिस जारी किया है। मामला सरायमीर क्षेत्र के इब्नेसीना तिब्बिया कॉलेज एवं हास्पिटल बीनापार का है। जिसमें वर्तमान प्रबंधक, प्राचार्य समेत चार के खिलाफ 70 लाख के गबन का आरोप है। जबकि संस्था के खाते से आहरित उक्त धनराशि विश्वविद्यालय के आदेश व हाईकोर्ट के स्टे के आधार पर शिक्षकों व कर्मियों के वेतन भुगतान के लिए किया गया है।
इब्नेसीना तिब्बिया कॉलेज एवं हास्पिटल बीनापारा के पूर्व प्रबंधक अब्दुल क्यूम ने वर्तमान प्रबंधक एजाज अहमद, अध्यक्ष अंसार अहमद, कोषाध्यक्ष अबू ओबैदा व प्रधानाचार्य अजमल पर गबन का आरोप लगाते हुए सरायमीर थाने में तहरीर दी थी। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि कूटरचित कागजात के आधार पर उक्त लोगों ने संस्था के खाते से लगभग 70 लाख रुपये का गबन कर लिया। एसओ सरायमीर शेर सिंह तोमर ने तहरीर की जांच पड़ताल किए बिना ही 16 सितंबर 2019 को प्रधानाचार्य, प्रबंधक व अन्य पर मुकदमा दर्ज कर लिया। गबन का मुकदमा दर्ज होते ही प्रबंधक एजाज अहमद हाईकोर्ट चले गये। हाईकोर्ट ने उन्हें पूर्वांचल विश्वविद्यालय द्वारा दिये गये अधिकारों पर पूर्व में ही स्टे दिया हुआ था। इसके बाद भी उन पर गबन का आरोप लगने और न्यायालय के स्टे पर ध्यान दिए बगैर मुकदमा दर्ज किये जाने को न्यायालय ने अवमानना माना और 15 अक्तूबर 2019 को एसओ सरायमीर शेर सिंह तोमर व वादी मुकदमा पूर्व प्रबंधक अब्दुल कयूम को अवमानना की नोटिस जारी कर दी। हाईकोर्ट ने दोनों को नोटिस जारी करने के चार सप्ताह के अंदर न्यायालय में उपस्थित होकर जवाब देने के लिए तलब किया है। हाईकोर्ट द्वारा अवमानना की नोटिस जारी होते ही हड़कंप मच गया है।