उन्होंने नदियों का पानी रोकने की बात को अव्यवहारिक बताते हुए कहा कि इसके लिए कई बांध बनाने होंगे, जिसमें सालों लगेंगे। यह कोई नल का पानी नहीं, नदी का पानी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जाति जनगणना पर कहा कि यह एक एक्स-रे की तरह है, जो समाज में पिछड़ेपन का सटीक चित्रण करेगी।
उन्होंने मांग की कि जनगणना में कॉरपोरेट सेक्टर, मीडिया, निवेश और उद्योगों में विभिन्न जातियों की भागीदारी के आंकड़े शामिल किए जाएं। जाति जनगणना से पता चलेगा कि कौन सा समाज कितना पीछे है और उसे कितना समर्थन चाहिए। इससे राष्ट्र मजबूत होगा। उन्होंने संविधान को बचाने की जरूरत पर जोर दिया और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को हटाने की मांग की।
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उद्यमी एलन मस्क के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि ईवीएम से निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं। साथ ही, उन्होंने जाति जनगणना के साथ आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा को बढ़ाने की वकालत की।
कांग्रेस वर्किंग कमेटी के फैसले का जिक्र करते हुए उदित राज ने कहा कि विपक्ष और पूरा देश सरकार के साथ है, लेकिन सरकार को जवाब देना होगा कि वह कब और कैसे कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा, किसी के शब्दों से हमारी सेना और देश की ताकत कम नहीं होती, लेकिन देश इंतजार कर रहा है।