कायाकल्प के तहत हो रहे यह कार्य
शुद्ध सुरक्षित पेयजल, विद्यालय में नल-जल की आपूर्ति, बालक इज्जत घर, बालिका इज्जत घर, बालक यूरिनल, बालिका यूरिनल, यूरिनल में जलापूर्ति, इज्जतघर का टाइलीकरण, दिव्यांग सुलभ शौचालय, मल्टीपल हैंड वाशिंग यूनिट, आधुनिक रसोईघर, कक्षा की फर्श पर टाइलीकरण, श्यामपट विद्यालय की रंगाई-पुताई, दिव्यांग सुलभ रैंप व रेलिंग, कक्षा कक्ष में वायरिंग व विद्युत उपकरण, विद्यालय का विद्युत संयोजन, बच्चों के लिए डेस्क व बेंच, विद्यालय की चाहरदीवारी।
प्राथमिक विद्यालय प्रथम सरायमीर में टाट पट्टी पर बैठे बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
सीन-1 : अमर उजाला की टीम ने स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था को लेकर पड़ताल किया। टीम शिक्षा क्षेत्र पवई के इंग्लिश मीडियम प्राथमिक विद्यालय बेलवाई में पहुंची। यहां पर बच्चे टाट पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करते हुए मिले।
प्रधानाध्यापक विनय सिंह ने बताया गया कि विद्यालय में कुल 126 बच्चों का नामांकन है। कक्षा तीन से पांच तक के बच्चों को बैठने के लिए डेस्क बेंच की व्यवस्था व्यक्तिगत रूप से की गई है। जबकि कक्षा एक और दो के बच्चों को टाटपट्टी पर ही बैठाया जाता है। ऐसे में बच्चों को जूते पहनकर टाटपट्टी पर बैठना असुविधाजन है, लेकिन इस दिशा में बेसिक शिक्षा विभाग की उदासीनता आश्चर्यजनक है।
सीन -2 : प्राथमिक विद्यालय प्रथम सरायमीर में अभी तक बैंच, डैक्स नहीं आई है। बच्चे टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करते हैं। इतना ही नहीं यहां तो स्वच्छ भारत मिशन की भी धज्जियां उड़ाई जा रही है। शौचालय गंदगी से पटा पड़ा है। पानी सप्लाई नहीं है। बड़ी दिक्कत होती है। पानी पीने के लिए टंकी में सप्लाई नहीं है। गर्मी बढ़ने काफी दिक्कत है। धानाध्यापक नीता कुमारी ने बताया कि कई बार बेंच और डेस्क की मांग की गई लेकिन कुछ नहीं हुआ।
बोले अधिकारी
कायाकल्प के तहत स्कूलों में कार्य कराए जा रहे हैं। फर्नीचर की भी व्यवस्था की जा रही है। जिन विद्यालयों में फर्नीचर की सुविधा नहीं है, उन्हें भी देने का प्रयास हो रहा है। - राजीव पाठक, बीएसए