आजमगढ़। प्रदेश सरकार की ओर से भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए पीडल्ब्यूडी के सात जनपदों के एक्सईएन को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है। इसमें आजमगढ़ में प्रांतीय खंड के एक्सईएन आरके सानवानी भी शामिल हैं। पिछले लगभग दो साल से आजमगढ़ में तैनात सोनवानी पर कार्रवाई से पीडब्ल्यूडी समेत अन्य विभागों के अधिकारियों में भी हड़कंप है। हालांकि इस विषय पर कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन कहा जा रहा है कि परफारमेंस को कार्रवाई का आधार बनाया गया है।
सूत्रों की माने तो आरके सोनवानी वर्ष 1998 से ही एक्सईएन पद पर सेवाएं दे रहे थे और प्रदेश के कई जनपदों में तैनात रहे। पिछले लगभग दो साल से आजमगढ़ में तैनाती के दौरान वो काफी चर्चित रहे। किसी भी मंत्री या बड़े अधिकारी के आगमन से लेकर बड़े अभियानों में विभाग को प्रजेंट करने के लिए आरके सोनवानी को ही नोडल अधिकारी बनाया जाता था। विभागीय सूत्रों की माने को बहराईच और आजमगढ़ के साथ ही उनके ऊपर कई अन्य जनपदों में तैनाती के दौरान गड़बड़ी की शिकायतें हुई थीं, जिसकी जांचें चल रही थी। कुछ मामले में उनके ऊपर दंडात्मक कार्रवाई भी हो चुकी थी।
आजमगढ़ में भी चल रही थी जांच
जनपद में पीडब्ल्यूडी के प्रंतायी खंड के एक्सईएन आरके सोनवानी की जांच चल रही है। उनके खिलाफ ए ग्रेड की सड़कों को सी ग्रेड में दिखाकर मरम्मत के नाम पर करोड़ों की धनराशि आवंटित करा उसका टेंडर कर गोलमाल करने के आरोप लगे थे। इसमें बूढ़नपुर-दीदारगंज स्टेट हाईके की पिछले दिनों सीडीओ की जांच में आरोप पुष्ट पाए गए थे।
वायरल आडियो में भी आया था नाम
आजमगढ़। एक्सईएन आरके सानवानी के साथ एक जनपदीय अधिकारी का वायरल आडियो भी चर्चा का विषय बना था। इसमें दोनों लोगों के बीच आडियो में लूज टॉक हो रही थी। हालांकि दोनों ही अधिकारी इस आडियो में अपनी आवाज होने से मुकर गए थे। ये प्रकरण प्रदेश स्तर पर भी चर्चित हुआ था।