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आजमगढ़ पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के एक्सईएन को अनिवार्य सेवानिवृत्ति, तैनाती के दौरान रहे हैं काफी चर्चित 

Sat, 10 Oct 2020 07:11 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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यूपी सरकार की ओर से भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए पीडल्ब्यूडी के सात जनपदों के एक्सईएन को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है। इसमें आजमगढ़ में प्रांतीय खंड के एक्सईएन आरके सानवानी भी शामिल हैं। पिछले लगभग दो साल से आजमगढ़ में तैनात सोनवानी पर कार्रवाई से पीडब्ल्यूडी समेत अन्य विभागों के अधिकारियों में भी हड़कंप है। हालांकि इस विषय पर कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन कहा जा रहा है कि परफारमेंस को कार्रवाई का आधार बनाया गया है।

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सूत्रों की मानें तो आरके सोनवानी वर्ष 1998 से ही एक्सईएन पद पर सेवाएं दे रहे थे और प्रदेश के कई जनपदों में तैनात रहे। पिछले लगभग दो साल से आजमगढ़ में तैनाती के दौरान वह काफी चर्चित रहे। किसी भी मंत्री या बड़े अधिकारी के आगमन से लेकर बड़े अभियानों में विभाग को प्रजेंट करने के लिए आरके सोनवानी को ही नोडल अधिकारी बनाया जाता था।

विभागीय सूत्रों की मानें को बहराइच और आजमगढ़ के साथ ही उनके ऊपर कई अन्य जनपदों में तैनाती के दौरान गड़बड़ी की शिकायतें हुई थीं, जिसकी जांच चल रही थी। कुछ मामले में उनके ऊपर दंडात्मक कार्रवाई भी हो चुकी थी। 

आजमगढ़ में भी चल रही थी जांच

जनपद में पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड के एक्सईएन आरके सोनवानी की जांच चल रही है। उनके खिलाफ ए ग्रेड की सड़कों को सी ग्रेड में दिखाकर मरम्मत के नाम पर करोड़ों की धनराशि आवंटित कराकर उसका टेंडर कर गोलमाल करने के आरोप लगे थे। इसमें बूढ़नपुर-दीदारगंज स्टेट हाईवे की पिछले दिनों सीडीओ की जांच में आरोप पुष्ट पाए गए थे।

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