आजमगढ़। जिले में स्थित मदरसों में फर्जी नियुक्ति का एक नया प्रकरण सामने आ गया है। मुबारकपुर कस्बे के एक मदरसे में तैनात एक शिक्षक पर जन्मतिथि दस्तावेज में कूटरचना कर 68 की उम्र में भी नौकरी करने की शिकायत अल्पसंख्यक अधिकारी से की गई है।
मदरसे के साधारण सभा के सदस्य मंजूरूल हसन ने अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को दिए पत्रक में आरोप लगाया है कि मदरसे पर तैनात शिक्षक की उम्र लगभग 68 साल है। इसके बाद भी वे बतौर शिक्षक कार्यरत है। उन्होंने कूटरचना कर अपने जन्म प्रमाण पत्र में अपनी उम्र कम करा कर नौकरी पाई है। मंजूरूल का यह भी आरोप है कि शिक्षक के हिफ्ज की उपाधि प्रमाण पत्र व मुंशी के अंकपत्र में अलग-अलग जन्मतिथि अंकित है। वहीं शिक्षक के पास पासपोर्ट पर अंकित उम्र भी मुंशी के अंकपत्र से इतर है। वहीं लगभग 22 वर्ष पूर्व ली गई एलआईसी पालिसी में भी उम्र कुछ और ही अंकित है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि वोटर लिस्ट के अनुसार शिक्षक और उनके पुत्र की आयु में मात्र चार साल का अंतर है। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि शिक्षक ने जरूरी पाठयक्रम पूर्ण किये ही मुंशी की परीक्षा उत्तीर्ण क ी है। ऐसे में इनके मुंशी की परीक्षा के पूर्व के पाठयक्रमों का सत्यापन कराया जाना नितांत आवश्यक है। शिकायतकर्ता ने अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से मांग किया है कि सीएमओ के निर्देशन में मेडिकल बोर्ड का गठन करा कर शिक्षक के उम्र की जांच कराई जाए और तब तक इनके वेतन भुगतान पर रोक लगा दी जाये। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी साहित्य निकस सिंह ने बताया कि अभी हमें शिकायत मिली नहीं है, शिकायत सामने आने पर निश्चित तौर पर मेडिकल आदि करा कर संबंधित शिक्षक के उम्र का सही आकलन कराया जायेगा। यदि आरोप सही साबित हुए तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।