आजमगढ़। सहायक निबंधक फर्म, सोसाइटी एवं चिट्स कार्यालय में सोसाइटी के फाइल नवीनीकरण के नाम पर 50 हजार की घूस मांगने के मामले में शासन की ओर से कार्रवाई के निर्देश देने के बाद भी अधिकारी मामले को दबाकर बैठ गए। कमिश्नर ने प्रकरण में संबंधित विभाग के कार्यालय को कमिश्नरी में शिफ्ट करने के आदेश दिए थे, इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता ने गुरुवार को प्रकरण की कमिश्नर और डीएम से शिकायत की। कमिश्नर ने रजिस्ट्रार चिटफंड को मामले में कार्रवाई के लिए रिमाइंडर भेजा है। वहीं डीएम ने प्रकरण की जांच एडीएम वित्त एवं राजस्व को सौंपी है।
मुबारकपुर एजूकेशन सोसाइटी के नवीनीकरण की फाइल सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स के कार्यालय में दाखिल की गई थी। नवीनीकरण के लिए 50 हजार के घूस की डिमांड की गई थी। इसमें 25 हजार लिए जा चुके थे। 20 हजार और घूस की मांग की गई थी। 15 दिन पहले फाइल के बारे में सोसाइटी की साधारण सभा के सदस्य मो. फहीम कार्यालय में जाकर पूछताछ की। लिपिक ने 20 हजार की और मांग की। इसे फहीम ने मोबाइल में रिकार्ड कर लिया था। सीडी के साथ कमिश्नर से इसकी शिकायत की गई थी। कमिश्नर ने शासन में कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था। साथ ही चिटफंड कार्यालय को कमिश्नरी में शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। शिकायतकर्ता फहीम ने गुरुवार को इसकी शिकायत डीएम और कमिश्नर से की। डीएम ने मामले की जांच एडीएम एफआर गुरु प्रसाद को सौंपी है। वहीं कमिश्नर ने रजिस्ट्रार को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। शिकायतकर्ता ने कमिश्नर से कहा उन्हें धमकी भी दी जा रही है। कमिश्नर ने सहायक रजिस्ट्रार को बुलाकर फाइल तलब कर ली। कहा कि फाइल वह स्वयं देखेंगी। वहीं चिटफंड कार्यालय को फिर से संयुक्त आयुक्त विकास कार्यालय में शिफ्ट करने के निर्देश दिए।