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कमीशन के खेल की पोल खुली : जांच समिति बनी, एक महीने की दवा की पर्ची का होगा ऑडिट

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जिला अस्पताल में मरीज से पूछताछ करते डीएम। संवाद
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बलरामपुर। जिला अस्पताल में दलाल सक्रिय है। ऐसे में मरीजों की शिकायत है कि अधिकांश डाॅक्टर मरीजों को बाहर की दवा लिखते हैं। इस पर अमर उजाला ने पड़ताल की तो कमीशन का खेल उजागर हुआ था। प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए सोमवार की सुबह करीब 9 बजे डीएम रविंद्र कुमार ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। यहां डीएम से मरीजों ने हर बार बाहर की दवा लिखने की शिकायत की। इस पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए पिछले एक महीने की दवा पर्चियों की जांच के लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। समिति में सीएमओ के अधीन एक एसीएमओ और एक चिकित्सक को शामिल करने के लिए कहा।
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शनिवार को पेज नंबर चार पर ‘अस्पताल में कमीशन का खेल, सरकारी पर्चे पर इलाज, छोटी पर्ची पर बाहरी दवा’ नामक शीर्षक से खबर छपी थी। इस पर डीएम अचानक जिला अस्पताल पहुंचे। पगरा गांव निवासी मरीज राम नारायण ने बताया कि वे पैर की सूजन को लेकर कई बार जिला अस्पताल आ चुके हैं, लेकिन हर बार दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ती हैं। इसी तरह उसरहा अजमतगढ़ निवासी अनारी देवी ने बताया कि वे पिछले 13 साल से हाॅर्ट की दवा लेने आ रही हैं और हर बार दवा बाहर से महंगी दवा लेनी पड़ती है। इसी दौरान एसआईसी डॉ. सतीश चंद्र कन्नौजिया ने दावा किया कि सारी दवाइयां अंदर से लिखी जाती हैं और उपलब्ध हैं, तो मरीजों ने तुरंत विरोध जताते हुए कहा कि डॉक्टर सभी दवाइयां बाहर की ही लिखते हैं। इस पर जिलाधिकारी नाराज हो गए और एसआईसी से सख्ती से पूछा कि जो-जो दवाइयां डॉक्टर लिख रहे हैं, उनकी पूरी लिस्ट उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे दवाइयां जिला अस्पताल के अंदर से ही मरीजों को दी जा सकें।

आवश्यक दवाएं अस्पताल में उपलब्ध कराएं
डीएम ने निर्देश दिया कि सभी आवश्यक दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध कराई जाएं, अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने सीटी स्कैन मशीन, मॉड्यूलर ओटी और पैथोलॉजी विभाग का भी निरीक्षण किया। निर्माणाधीन ब्लड बैंक भवन के निरीक्षण में घटिया सामग्री के उपयोग पर नाराजगी जताई जांच के निर्देश दिए।
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काउंटर पर कर्मी बढ़ाने के निर्देश
डीएम ने निर्देश दिया कि रजिस्ट्रेशन काउंटर पर आभा रजिस्ट्रेशन के लिए एक से अधिक कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। इससे मरीजों को अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े। साथ ही आयुष्मान ओपीडी कक्ष के बाहर योजना की सुविधाओं व कार्ड निर्माण संबंधी जानकारी बड़े व स्पष्ट अक्षरों में प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।

जिला अस्पताल में मरीज से पूछताछ करते डीएम। संवाद

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