सगड़ी। तहसील क्षेत्र के अंजान शहीद बाजार में वाणिज्य कर अधिकारी अमित सिंह, वाणिज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर विजय कुमार और मनोज अस्थाना जीएसटी पंजीयन से लाभ की जानकारी देने कस्बे में पहुंचे। अधिकारियों की गाड़ी बाजार में रुकते देख लोग अपनी-अपनी दुकानें बंदकर भागने लगे। अधिकारियों ने बंद और खुली दुकानों के नाम नोट किए। बाजार के 150 दुकानों में मात्र दर्जनभर दुकानों का ही जीएसटी रजिट्रेशन मिला। इससे अधिकारी काफी नाराज दिखे। कुछ दुकानदारों को बुलाकर जीएसटी के लाभ के बारे में जानकारी दी।
अधिकारियों ने दुकानदारों से कहा कि 40 लाख से ऊपर का जो भी व्यापारी व्यापार करता है। वह जीएसटी रजिस्ट्रेशन करा लें। इसके कई लाभ मिलेंगे। दुकानदारों के साथ कोई भी दुर्घटना घटने पर 10 लाख का बीमा बिना क़िस्त जमा किए होगा। उसका लाभ उसके नॉमिनी को मिलेगा। जीएसटी में समस्त कार्य घर बैठे ऑनलाइन किए जा सकते हैं। किसी भी कार्य के लिए सरकारी कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं है। देश के किसी भी राज्य से खरीदे गए माल पर आईटीसी निर्बाध सुविधा, डेढ़ करोड़ वार्षिक कारोबार सीमा तक के छोटे एवं मझोले व्यापारियों के लिए समाधान योजना, छोटे एवं मझोले व्यापारियों के लिए अत्यंत सरल रिटर्न फार्म सहज एवं सुगम, शून्य खरीद-विक्री से संबंधित रिटर्न एसएमएस के माध्यम से दाखिल कर करने की जानकारी दी। कहा कि पांच करोड़ तक के वार्षिक कारोबार के सीमा तक के व्यापारियों के लिए तिमाही रिटर्न, केंद्र सरकार की ओर से संचालित पेंशन योजना का लाभ पंजीयन भी मिलेगा।
जीएसटी के पक्ष और विपक्ष में रखे विचार
आजमगढ़। टैक्स बार एसोसिएशन ने जीएसटी के नये प्रावधान को व्यापारी का उत्पीड़न बताया। कहा कि आईटीसी की व्यवस्था जीएसटी की आत्मा है, जीएसटी विधान में आईटीसी की व्यवस्था और उस पर छूट ने इसे प्रेतात्मा बना दिया गया है। उक्त बातें द टैक्स बार एसोसिएशन की शुक्रवार को मड़या स्थित होटल के सभागार में विचार गोष्ठी में मुख्य अतिथि आल इंडिया फेडरेशन आफ टैक्स प्रैक्टिसनर नार्थ जोन के उपाध्यक्ष संजय कुमार ने रखीं।
द टैक्स बार एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष अरविन्द गुप्त ने जीएसटी प्राविधान की तमाम खामियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। शासन से उक्त व्यवस्था में अविलंब संशोधन की मांग की। राज्य कर (जीएसटी) विभाग के अधिकारी विनय गुप्ता ने जीएसटी की मासिक व जीएसटी के नये रिटर्न तथा वर्तमान आईटीसी की व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की। कहा कि व्यापारी का विवरण प्रस्तुत करना चाहिए तथा समय-समय पर प्रस्तुत होना चाहिए, जिससे आईटीसी का लाभ मिल सके। आल इण्डिया आफ फेडरेशन टैक्स प्रैक्टिसनर द्वारा जीएसटी के तत्वावधान में जस्टिस डा. वी.के. सर्राफ की स्मृति में गीता सर्राफ द्वारा द टैक्स बार एसोसिएशन को कम्प्यूटर सिस्टम भेंट किया। अध्यक्षता शिवदत्त यादव और संचालन मंत्री महेन्द्र प्रताप यादव ने किया। इस मौके पर अवधेशचन्द्र श्रीवास्तव, एखलास, भरत अग्रवाल, विपिन गुप्ता, संताष वर्मा, उमेश श्रीवास्तव, प्रभात बरनवाल, पुनीत सिंह आदि उपस्थित रहे।