आजमगढ़। जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों में अस्पताल प्रशासन दूध और अंडा वितरित कर रहा है, लेकिन दूध के नाम पर पैकेट वाला ठंडा और कच्चा दूध दिया जा रहा है। ऐसे में दूध होने के बाद भी मरीज उसे पी नहीं पा रहे हैं। वहीं दूध गर्म करने की व्यवस्था के बाबत पूछने पर जिला अस्पताल के चिकित्सक व नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. चंद्रहास ने कहा कि दूध दे रहे हैं वैसे ही पी लें, जहर थोड़े ही दे रहे हैं।
सामान्य दिनों में मरीजों को पैकेट वाला ठंडा दूध मिलने पर मरीज के तीमारदार उसे बाहर चाय की दुकानों पर गरम कर लेते थे। इन दिनों लॉक डाउन चल रहा है। इसके चलते अस्पताल के बाहर स्थित सभी चाय की दुकानें बंद हैं। अस्पताल प्रशासन मरीजों को पैकेट वाला ठंडा दूध देकर अपने जिम्मेदारी की इतिश्री कर ले रहा है। मरीजों के पास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है जिससे वह दूध गर्म कर सके। इस बाबत पूछे जाने पर अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. चंद्रहास खुद को प्रभारी बताते हुए आगे आ गए। उन्होंने कहा कि मरीजों को खुला दूध गर्म कर देने पर कहा जाता है कि पानी वाला दूध है। ऐसे में पैकेट वाला ही दूध दिया जाता है। बिना गर्म करे ही मरीज उसे पी लें, उसमें कोई जहर थोड़े ही मिला है। डॉ. चंद्रहास के इस बड़बोलेपन पर उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कही गई तो उन्होंने कहा कि चाहे जहां शिकायत कर लें। हम ऐसे ही दूध देंगे।
ऐसा नहीं है कि मरीज को दिया गया दूध गर्म नहीं होगा। रसोई में पूरी व्यवस्था है। मरीज अपने दूध बर्तन में डाल कर गर्म कर सकता है। जहां तक डॉ. चंद्रहास की बात है तो उनका कुछ नेचर ही ऐसे बोलने का है। मैं एसआईसी हूं और मैं कह रहा हूं कि मरीज रसोई में अपना दूध गर्म करा सकता है। वैसे डॉ. चंद्रहास को मैं समझा दूंगा। - डॉ. एसकेजी सिंह, एसआईसी, जिला मंडलीय अस्पताल, आजमगढ़।