महराजगंज में डिलिवरी के दौरान एक निजी अस्पताल में हुई प्रसूता की मौत मामले को नवागत सीएमओ ने गंभीरता से लिया है। इस मामले की जानकारी होते ही रविवार की दोपहर में सीएमओ डाॅ. अशोक कुमार सीएचसी महराजगंज पहुंचे, जहां पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। उन्होंने उक्त मामले की जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
17 जून को मुरादपुर (अहिरगांव) निवासी लालबहादुर अपनी पुत्री ज्ञानमती को डिलिवरी के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महराजगंज गया, जहां नॉर्मल डिलवरी से बच्ची पैदा हुई। डिलिवरी के कुछ देर बाद स्टाफ नर्स द्वारा स्वजनों को बताया गया कि प्रसूता की स्थिति काफी गंभीर है, उसे हायर सेंटर ले जाना पड़ेगा। स्वजनों ने रेफर करने के लिए कहा तो स्टाफ नर्स द्वारा कमीशन के चक्कर में पास स्थित एक प्राइवेट चिकित्सक को फोन कर बुला लिया और उसके निजी वाहन से प्रसूता को उसके अस्पताल पर भेज दिया। चिकित्सक द्वारा मजबूरी का फायदा उठाते हुए 13000 रुपये जमा करा कर इलाज शुरू किया गया। लगभग चार घंटे बाद स्वयं एंबुलेंस बुलाकर उसे दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए कहा। इसके बाद परिजन प्रसूता को लेकर जिला मुख्यालय गए। अस्पताल पहुंचते ही प्रसूता की मौत हो गई। तब परिजनों ने चिकित्सक के खिलाफ थाने में तहरीर दी। मृतका के पिता ने शनिवार को एसपी से गुहार लगाई। वहीं इस घटना की जानकारी होते ही नवागत सीएमओ डाॅ. अशोक कुमार रविवार की दोपहर महराजगंज सीएचसी पहुंचे और मृतका के परिजनों से मिलकर घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने आश्वासन दिया कि कमेटी गठित कर घटना की जांच कराई जाएगी तथा अगर उक्त चिकित्सक दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।