आजमगढ़। सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बोलना कि जनता को रामराज्य चाहिए, समाजवाद नहीं, संविधान और राष्ट्र विरोधी है। उनकी यह भाषा पुरानी व्यवस्था मनुवाद व वर्णवाद को लागू करने का संकेत कर रही है। रामराज्य वर्ण व्यवस्था पर आधारित था। इसमें चार वर्ण ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य व शुद्र। शूद्र जो बहुसंख्यक थे उनको पढ़ने व नौकरी का अधिकार नहीं था। जाति के हिसाब से कार्य बंटे थे। उनको अछूत माना जाता था। उसका उदाहरण है कि मंदिर ट्रस्ट में पिछड़े वर्ग का एक भी सदस्य नहीं है।
कहा कि लाखों लोगों की शहादत के बाद आजादी मिली। आजादी के बाद देश को एक समतामूलक समाज के उद्देश्य से संविधान बना। संविधान की मूल भावना समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष राज्य की स्थापना ही आजादी का मूल तत्व है। मुख्यमंत्री को समाजवाद जानने के लिए महापुरुषों व समाजवादी विचारधारा को पढ़ना पडे़गा। इस देश में 72 साल से लोकतांत्रिक व्यवस्था चल रही है जो संविधान के अनुसार है। योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं तो संविधान के अनुसार ही।