सीएम डैश बोर्ड की रैंकिंग में जिला 30वें स्थान पर पहुंच गया है। मार्च में जिले की 38वीं रैंक थी। जिले के सात विभागों की रैंकिंग अच्छी होती तो आजमगढ़ प्रदेश के टाॅप-5 में भी शामिल हो सकता था।
जिले के विद्युत निगम और दुग्ध विकास विभाग का प्रदर्शन खराब है। दोनों विभाग प्रदेश के सबसे खराब पांच जिलों में शामिल है।
सरकार की ओर से कार्य के आधार पर सभी विभागों की हर महीने रैंकिंग जारी की जाती है। कुछ विभागों के लचर प्रदर्शन का असर जिले की रैंकिंग पर पड़ता है। मार्च महीने में जिले की रैंकिंग 38 थी। रैंकिंग पर अगर नजर डालें तो मार्च माह में विकास कार्याें की रैंकिंग में जिले को 28वां और राजस्व में 38वां स्थान मिला था।
अप्रैल माह की रैंकिंग पर नजर डाले तो विकास की रैंकिंग गिरी था। जिला 37वें स्थान पर था। राजस्व में 25वें स्थान पर था।
जिले के सात विभाग डी और ई ग्रेड में शामिल हैं। वहीं 13 विभागों ने प्रदेश के टाॅप फाइव जिलों में अपनी जगह बनाई है।