शहर के मड़या स्थित घर में घुरा पानी।
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। बारिश से जिले भर में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। खेत-खलिहान में तो पानी भर ही गया है, सड़कें और गलियां भी लबालब हो गई हैं। जलनिकासी के इंतजाम ध्वस्त हो गए और घरों में भी पानी घुस गया। प्रशासन को राहत कार्य शुरू करना पड़ गया। तीन दिनों की ही बारिश से नगर पालिका की नालों की सफाई और जल निकासी के इंतजाम की कलई खोल दी है।
पिछले तीन दिनों से रिमझिम बारिश हो रही है। बृहस्पतिवार की शाम शुरू हुई झमाझम बरसात की ऐसी झड़ी लगी की देर रात तक बंद नहीं हुई। भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया। सड़कें नालों में तब्दील हो गईं और लोग घरों में कैद हो कर रह गए हैं। कई जगह कच्चे मकान जमींदोज हो गए। शहर के कोलघाट, बागेश्वर नगर, प्रहलादनगर, रैदोपुर, सिविल लाइन, बदरका, सिधारी व दलसिंगार मुहल्लों की हालत बदतर हो गई है। सड़कें तो लबालब हैं ही कई जगह घरों में भी पानी घुस गया है। गृहस्थी के सामान बर्बाद हो गए हैं। लोग पंप लगाकर घरों का पानी निकाल रहे हैं। वहीं, बृहस्पतिवार की रात लगभग 10.30 बजे से ही पूरे शहर की बिजली गुल हो गई। शुक्रवार की शाम तक नगर क्षेत्र के कई मुहल्लों में बिजली आपूर्ति बहाल हो पाई। बलरामपुर क्षेत्र स्थित 220 केवी विद्युत उपकेंद्र परिसर में भी पानी भर गया है। विद्युतकर्मियों के आवासों में भी पानी घुस गया। बलरामपुर हाइडिल परिसर से सटी 20वीं वाहिनी पीएसी की दीवार भी गिर गई है। बारिश के चलते पेड़ गिरने से कई जगह आवागमन बाधित रहा। विकास भवन के पास कटहल का पेड़ गिरने से रास्ता बंद हो गया है। नगर के बड़ादेव पर महिला अस्पताल गेट के पास बिजली का पोल टूटकर टेढ़ा हो गया था। जिला मुख्यालय से भंवरनाथ से किशुनदासपुर होते हुए तहबरपुर जाने वाला मार्ग पानी के तेज बहाव ने मुजफ्फर गंगटिया गांव के पास लगभग 20 फीट तक चौड़ाई में काट दिया। ग्रामीणों ने पेड़ की डाल और मिट्टी आदि डालकर किसी तरह आवागमन की व्यवस्था की।
बारिश बागेश्वर नगर एक घर में घुसा पानी।- फोटो : AZAMGARH