ब्लाक सभागार फूलपुर में मंगलवार को राज्य पोषण मिशन कार्यक्रम तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें आशा बहू, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम को कुपोषण के संबंध में जानकारी दी गई।
मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र वर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य ही जीवन है। जब बाल्यावस्था में बच्चे स्वस्थ होंगे तभी आगे चलकर देश और समाज के विकास में अपना योगदान दे सकते हैं। जिस प्रकार पेड़ की जड़ मजबूत होती है। उसी प्रकार से बच्चों को पैदा होते ही उनके स्वास्थ्य के प्रति सदैव सतर्क रहे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक रामअशीष सिंह यादव ने कहा कि जन्म के समय बच्चे का वजन यदि 2.5 किग्रा से कम है तो वह कुपोषित माना जाता है। इसके लिए उसकी निगरानी अति आवश्यक है।
सीडीपीओ सतीशचंद्र ने कहा कि पूर्व में कराए गए सर्वेक्षण में चिह्नित अति कुपोषित बच्चों की निरंतर निगरानी एवं नियमित वजन कराकर समुचित देखभाल करना चाहिए। इस मौके डा. रामअशीष यादव, स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी मुन्नीलाल, खंड विकास अधिकारी लालजीत, एडीओ शांतिशरण सिंह, वीरेंद्र यादव, तारा पाठक, ममता धारिया, रमेश चंद्र आदि मौजूद थे।