रानी की सराय। रानी की सराय ब्लॉक के सुरही गांव में मनरेगा के तहत भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा है। जहां चकरोड पर मिट्टी की पटाई के लिए श्रमिकों के स्थान पर जेसीबी मशीन से काम करवाया जा रहा था। अमर उजाला ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसे संज्ञान में लेते हुए सीडीओ ने वीडीओ रानी की सराय को जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही दोषी मिलने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देशन में वीडीओ ने एपीओ को जांच सौंप दी है। साथ ही सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
रानी की सराय क्षेत्र के सुरही गांव में 200 मीटर चकरोड का निर्माण कराया जा रहा है। शासन की मंशा है कि श्रमिकों को बाहर न जाकर उन्हें गांव में ही मनरेगा के तहत रोजगार मिले, लेकिन इस मंशा पर ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी पानी फेर रहे हैं। सड़क पर मिट्टी पटाई का कार्य जॉब-कार्डधारकों से न कराकर जेसीबी से कराया जा रहा है। ऐसे में श्रमिक रोजगार की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं। अमर उजाला ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिसे गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने रानी की सराय की प्रभारी वीडीओ डॉ. आराधना त्रिपाठी को जांच करने के निर्देश दिए। वीडीओ ने एपीओ को मौके पर पहुंचकर जांच कराने के निर्देश दिए। वहीं उन्होंने सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। यदि समय से स्पष्टीकरण नहीं मिलेगा तो संबंधित के विरूद्घ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी जारी की गई है। वीडीओ डा. आराधना त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जांच शुरू हो गई है। यदि दोषी पाए जाएंगे तो संबंधित के विरूद्घ कार्रवाई की जाएगी।