तहसील परिसर में शुक्रवार को तहसीलदार और अधिवक्ताओं के बीच जमकर झड़प हुई। मामला बढ़ते देख एडीएम प्रशासन और सीओ लालगंज मौके पर पहुंचे। अधिवक्ता और तहसीलदार के बीच सुलह- समझौता कराकर मामले को शांत कराया। इस दौरान अधिवक्ता तहसीलदार के विरोध में नारेबाजी करते रहे।
तहसीलदार मेंहनगर शुक्रवार को अपने न्यायालय में बैठे थे। तहसील बार के अध्यक्ष राजनाथ यादव और मंत्री श्याम बिहारी सरोज ने तहसीलदार राजू कुमार पर आरोप लगाया कि वह न्यायालय में बाहर से ताला लगाकर अंदर विवादित पत्रावलियां बिना अधिवक्ताओं से राय लिए निपटा रहे थे। जब अधिवक्ता पूछने गए तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और झड़प होने लगी। वहां मौजूद अधिवक्ता तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सूचना पाकर मेंहनगर पुलिस मौके पर पहुंची। स्थित को भांपते हुए एसडीएम संत रंजन श्रीवास्तव ने इसकी सूचना एडीएम प्रशासन राहुल विश्वकर्मा, क्षेत्राधिकारी लालगंज मनोज रघुवंशी को दी। एडीएम व सीओ भी तहसील में पहुंच कर मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिवक्ता संघ और तहसीलदार के बीच सुलह समझौते के लिए बैठक कराई। घंटों चली मशक्कत के बाद अधिवक्ता तहसीलदार को न्यायिक रूप से कार्य करने की शर्त पर आंदोलन को वापस लेने पर राजी हुए। इस घटना के बाबत जब एसडीएम संत रंजन से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि बार और बेंच एक दूसरे के पूरक होते हैं। कभी-कभी छोटी- छोटी बातों को लेकर गलतफहमियां बन जाती है। जैसा कि आज देखा गया। एडीएम प्रशासन व सीओ लालगंज ने दोनों पक्षों को बैठाकर सुलह समझौता करा दिया है।