पूछताछ में यात्रियों ने बताया कि डुप्लीकेट टिकट मुबारकपुर में प्रिटिंग से जुड़ी एक दुकान से लिया गया था। इस पर आरपीएफ ने दुकान पर छापा मार कर दुकान स्वामी आदर्श कुमार यादव और उसके साथ काम करने वाले आदमपुर निवासी उदयभान चौहान को गिरफ्तार कर लिया।
दुकान से एक डेस्कटॉप कंप्यूटर व दो प्रिंटर मिले तथा पर्सनल आईडी पर विगत यात्रा संबंधित सात और आगामी यात्रा संबंधित एक ई-टिकट बरामद हुए, जिसकी कीमत 9173 रुपये थी। पूछताछ में आरोपियों ने रेलवे काउंटर बने तत्काल टिकट की डुप्लीकेट कॉपी उपलब्ध कराने की बात स्वीकार कर ली। उदयभान ने बताया कि छत्तीसगढ़ का विकास कुमार नाम का व्यक्ति है, जिससे मोबाइल से ही संपर्क होता है।
टिकट का लेनदेन उसके बताए बैंक खाते से ही किया जाता है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरपीएफ थाना प्रभारी रमेशचंद मीना ने कहा कि फर्जीवाड़े में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य आरोपी विकास कुमार के पकड़े जाने पर बड़ा खुलासा हो सकता है। टिकट के लेनदेन की बात वही करता है और वही अपने खाते में पैसा भी मंगाता है।