घुरहू राम प्रजापति ने अपने हाथों से बनाए डोंगा भेंट किए। प्रयागराज के रामनरेश ने लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा भेंट की तो बाराबंकी के शिव कुमार ने टेरा कोटा से बने फ्लावर पॉट भेंट किए। गोरखपुर के हरिलाल प्रजापति टेरा कोटा से बना अशोक स्तंभ लेकर गए थे। यहीं के हरिओम आजाद ने पांच फिट का दीया भेंट किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी के बारे में पूछा।
सभी ने बताया कि इस तरह के आयोजन से हम लोग बहुत खुश हैं। निजामाबाद के शिल्पकारों ने बताया कि लगभग 17 लाख के मिट्टी के बर्तन को 10 दिन के प्रदर्शनी में बेचा। अगर इस तरह का आयोजन किया जाए तो इससे इस कला को और भी बढ़ावा मिलेगा।
आयोजन से हमारी कला और क्षेत्र का विकास भी हो रहा है। वहीं मुख्यमंत्री ने कलाकृतियों का नगद भुगतान भी किया। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सोहित कुमार प्रजापति ने बताया कि प्रधानमंत्री ने वोकल फार लोकल की जो व्यवस्था की है, उससे लघु उद्योग को भी काफी बढ़ावा मिला है।
शिल्पकारों ने कला से संबंधित अपनी समस्याओं को भी मुख्यमंत्री के सामने उठाया। सोहित कुमार ने बताया कि ओडीओपी में चयनित होने के बाद ब्लैक पाटरी के कारोबार को काफी उत्साह मिला है। यहां के कई हजार लोग इस उद्योग से जुड़े हैं। उन्होंने सीएफसी के निर्माण और अन्य समस्याओं को सीएम के सामने अवगत कराया। इस पर उन्होंने इनके जल्द समाधान के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।