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बोर्ड की अनुमति के बगैर चीनी मिल चलाने का आरोप

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सठियांव। दि किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव के प्रारंभिक ट्रायल में (परता) रिकवरी लक्ष्य मानक से कोसों दूर है। ऐसी परिस्थितियों में चीनी मिल का शुभारंभ कराना घाटे का सौदा होगा। मिल के उप सभापति पराग यादव ने इसे शासन के निर्देश का हवाला दिया तो वहीं पूर्व उप सभापति ने बोर्ड की बगैर अनुमति के ही मिल चलाने का आरोप लगाया है।
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दि किसान सहकारी चीनी मिल के चौथे पेराई सत्र का शुभारंभ 19 नवंबर से होना है। प्रबंध तंत्र के अनुसार जनपद में बारिश अधिक होने से अधिकांश गन्ने की फसल पानी में डूब गई। जिसके चलते देवरा जदीद, अराजी अमानी, करखियां, शिवपुर की गन्ना रिकवरी दर ट्रायल में 5.9 से 6 प्रतिशत तक आ रही है। जबकि ऊंचे देवारा में 6.5 और मिल गेट परिक्षेत्र की रिकवरी साढ़े सात प्रतिशत है। बता दें कि मिल ने रिकवरी का लक्ष्य साढ़े नौ प्रतिशत निर्धारित कर रखा है, जो वर्तमान परिस्थितियों में हासिल करना मुश्किल है। डायरेक्टर (किसान प्रतिनिधि) राम अवध यादव के अनुसार फैक्ट्री को दिसंबर महीने में चलना चाहिए। उप सभापति पराग यादव ने शासन का हवाला देते हुए कहा कि अधिकारी-कर्मचारी नहीं सुनते। पूर्व उप सभापति व डायरेक्टर आनंद कुमार उपाध्याय का आरोप है कि बोर्ड की अनुमति के बगैर ही मिल चलने जा रही हैं। प्रबंधन तंत्र वीडियो कांफ्रेंसिंग में सारे तथ्यों को बताने की बात कह रहा है। हालांकि मिल चलने के लिए एकदम तैयार है। शुक्रवार को ब्वायलर में विधि विधान से अग्नि प्रवाहित की जाएगी।
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