आजमगढ़ में लॉक डाउन के उल्लंघन का मामला मीडिया में आते ही पुलिस महकमा मीडियाकर्मियों पर अपनी खुन्नस निकालने लगा है। एक प्रेस छायाकार की जहां पीआरवी कर्मियों ने लॉठियों से पीटा वहीं, दूसरे का चालान काट दिया। इतना ही नहीं एक मान्यता प्राप्त पत्रकार को भी आधे घंटे तक रोके रखा गया। पुलिस उसके मान्यता प्राप्त कार्ड को ही फर्जी बताने लगी।
छायाकार शैलेंद्र शर्मा मंगलवार को आफिस से देर शाम घर लौट रहे थे। दलालघाट तिराहे पर खड़े एक पीआरवी पर तैनात पुलिस कर्मियों ने उसे रोक लिया। एक पुलिसकर्मी चालान काटने के लिए उनकी बाइक की नंबर प्लेट की फोटो खिंचने लगा तो छायाकार ने भी अपना कैमरा निकाल लिया और पुलिसकर्मियों की कवायद कैमरे में कैद करने लगे। इस पर दूसरे सिपाही शिवपाल सिंह ने कैमरा छीनने का प्रयास किया।
नाकाम रहने पर लाठी से पीटने । तभी उधर से गुजर रहे सत्ताधारी दल के एक नेता की नजर पड़ी तो वे अपने वाहन से उतरे छायाकार को छुड़ाया। इसकी शिकायत डीएम व एसपी से हुई तो एसपी ने पीआरवी कर्मी शिवशंकर सिंह को निलंबित कर दिया। पीड़ित छायाकार ने बुधवार को शहर कोतवाली में नामजद तहरीर दी, लेकिन मुकदमा नहीं दर्ज किया गया।
एसपी ने सीओ सिटी इला मारन को जांच सौंपी है। जांच के बाद एफआईआर दर्ज कराने की बात कही। वहीं दूसरी तरफ फरिहां क्षेत्र के स्थानीय मीडियाकर्मी पंकज पांडेय के साथ भी पुलिस ने दुर्व्यवहार किया और उनके वाहन का चालान काट दिया।
मान्यता प्राप्त पत्रकार राम सिंह यादव को तहबरपुर पुलिस ने आधे घंटे तक रोके रखा। लॉक डाउन व सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कराने में फेल पुलिस की कवायद मीडिया में आते ही महकमे के लोगों ने मीडियाकर्मियों को निशाने पर ले लिया है।