आजमगढ़। लॉक डाउन व सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कराने की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन को मिली हुई। लेकिन पुलिस महकमा इसमें पूरी तरह से फेल नजर आ रहा है। कागजों व बयानों में तो कप्तान साहब बड़े-बड़े दावे कर रहे है लेकिन हकीकत में पुलिस की कवायद पूरी तरह से हवा-हवाई ही हो रही है। आम जनता स्वयं की सीख से जो सोशल डिस्टेंसिंग व लॉक डाऊन का अनुपालन कर रही है वहीं सिर्फ नजर आ रहा है। सोशल डिस्टेसिंग का अनुपालन कराने के बजाय पुलिस के जवान स्वयं ही इसे तोड़ते नजर आ रहे है।
कोरोना संक्रमण के फैलाव पर लगाम कि लिए सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से अनुपालन कराने का निर्देश पुलिस प्रशासन को दिया गया है। कागजों में बड़े-बड़े दावे किये जा रहे है। लेकिन वास्तव में शहर से लेकर ग्रामीणांचल तक कहीं भी पुलिस महकमा इसका अनुपालन करने में सफल नजर नहीं आ रही है। ज्यादातर स्थानों पर लॉक डाउन व सोशल डिस्टेंसिंग के अनुपालन के नाम पर स्वास्थ्यकर्मी, राजस्वकर्मी व मीडियाकर्मियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। एसपी का तो जैसे अपने मातहतों पर कोई लगाम ही नहीं है। वर्तमान में अपराध का ग्राफ पूरी तरह से गिरा हुआ है। ऐसे में पुलिस महकमे के पास सिर्फ एक ही काम है वह लॉक डाऊन व सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कराने का, लेकिन इसमें महकमा पूरी तरह से फेल है। एसपी त्रिवेणी सिंह सिर्फ बड़े-बड़े दावे कर अपने जिम्मेदरियों की इतिश्री कर ले रहे हैं। बुधवार को शहर में पुलिस की कवायद कुछ इस तरह नजर आई।
अधिकारियों की गाड़ियों में भी सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी
आजमगढ़। लॉक डाऊन के दौरान दो व चार पहिया वाहन पूरी तरह से प्रतिबंधित है। पुलिस कर्मियों, स्वास्थ्य महकमें के लोग, सफाई कर्मचारियों व अन्य अधिकारियों व थानाध्यक्षों को इससे छूूट मिली हुई है। जो भी वाहन सड़क पर दौड़ रहे है, उसमें भी सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन होना है। अगली सीट पर चालक और पिछली सीट पर संबंधित अधिकारी बैठेगा। बड़े अधिकारी इस नियम का अनुपालन कर रहे है, लेकिन थानाध्यक्ष व अन्य छोटे अधिकारियों के वाहनों में इसका अनुपालन नहीं देखने को मिल रहा है। शहर कोतवाल के वाहन में पिछली सीट पर तो चार की संख्या में जवान जिसमें दो महिला व दो पुलिस जवान होते है एकदम सट कर बैठे होते है। सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन यहां भी होना चाहिए जो नहीं दिखता है।
स्पाट- 1 करतालपुर
शहर कोतवाली अंतर्गत करतालपुर तिराहे पर भी पुलिस की ड्यूटी लगी है। यहां बैरिकेडिंग कर शहर में वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाया गया है। यहां पर पुलिस कर्मियों की तैनाती भी है लेकिन पुलिसकर्मी एक तो ड्यूटी पर देर से पहुंचते है तो वहीं पहुंचने पर स्थानीय लोगों के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कराने के बजाय स्वयं ही उनके साथ डिवाइडर पर बैठ कर बतकही में जुटे रहते हैं।
स्पाट- 2 मुख्य चौक
शहर का मुख्य चौक क्षेत्र में सुबह से लेकर दिन के 12 बजे तक कहीं से भी लॉक डाऊन व सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन नहीं होता नजर आता है। किसी-किसी दिन यहां तैनात पुलिस कर्मी सड़क पर खड़े होकर बिना मॉस्क वालों को मास्क लगाने के लिए प्रेरित करने नजर आते है, लेकिन बुधवार को यहां का नजारा ऐसा था कि ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिसकर्मी आराम से बैठ कर ड्यूटी कर रहे थे और सड़क पर भीड़ उमड़ी थी।
स्पाट- 3 कलेक्ट्रेट
कलेक्ट्रेट क्षेत्र भी सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कराने के बजाए स्वयं पुलिस का जवान अन्य लोगों के साथ एक वाहन पर सट कर खड़ा होकर उल्लंघन करता नजर आ रहा था। चार की संख्या में लोग सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी कर एक दूसरे से सट कर खड़े हुए थे और इसमें एक पुसिल का जवान भी शामिल था जबकि पुलिस के जवानों पर ही लॉकडाऊन व सोशल डिस्टेंसिंग के अनुपालन की जिम्मेदारी है।
स्टाप- 4 सिविल लाइंस
लॉक डाउन के दौरान राशन व सब्जी को छोड़ कर सभी दुकानों को बंद कराया गया है वहीं अपन काम करने पर पुलिस के लोग मतलब की दुकानों को खुलवा कर अपना काम करा रहे है। सिविल लाइन स्थित एक मैकेनिक की दुकान को पुलिस के सिपाही ने स्वयं खड़ा होकर खुलवाया और अपना काम करवा रहा था। इस दौरान फोटो खींचे जाने पर पुलिस का जवान पास भी आया और फोटो न छापने की बात भी कही।
कलेक्ट्रेट के गेट पर पुलिस के जवान कुछ इस तरह करा रहा है सोशल डिस्टेंस इन का अनुपालन।- फोटो : AZAMGARH
मुख्य चौक क्षेत्र में सड़क पर भीड़ होने के बाद भी आराम से बैठकर ड्यूटी करते पुलिस के जवान।- फोटो : AZAMGARH
करतारपुर तिराहे पर पुलिस कुछ इस तरह करा रही है सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन।- फोटो : AZAMGARH