अहरौला। हसनाडीह गांव के सैकड़ों राशन कार्डधारकों को रविवार को अटैच कोटे से राशन नहीं मिला तो उनका आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों ने इसहाकपुर गांव स्थित कोटेदार के घर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व ग्राम प्रधान लालचंद कन्नौजिया ने किया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हसनाडीह की सरकारी राशन की दुकान 25 जुलाई को निलंबित होने के बावजूद अब तक निवर्तमान कोटेदार बालालखन्दर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है। ग्रामीणों के अनुसार रविवार को हसनाडीह के सैकड़ों कार्डधारक राशन लेने पहुंचे, लेकिन वहां पर्याप्त राशन उपलब्ध नहीं था। इससे नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्राम प्रधान लालचंद कन्नौजिया ने आरोप लगाया कि अप्रैल से ही कार्डधारकों का अंगूठा लगवाकर राशन नहीं दिया जा रहा था। साथ ही तीन से चार किलो तक राशन की कटौती भी की जाती थी। उनका कहना है कि निलंबन के बाद करीब 117 क्विंटल राशन अटैच कोटेदार को हैंडओवर किया जाना था, लेकिन विभागीय स्तर पर केवल 35 क्विंटल राशन उपलब्ध कराया गया।
अटैच कोटेदार सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि उन्हें 35 क्विंटल राशन मिला था, जिसमें से 29 क्विंटल राशन 120 लोगों में वितरित किया जा चुका है। हसनाडीह में कुल 360 कार्डधारक हैं। ग्रामीणों ने निवर्तमान कोटेदार के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की। प्रदर्शन में भाजपा मंडल अध्यक्ष अर्पित मौर्य, ग्राम प्रधान लालचंद कन्नौजिया, राजपत्र, राजन, राजेंद्र, बृजभान, दिनेश, प्रमोद, सोनू तिवारी, गीता, अनीता, अंशिका, कंचन आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक कृष्ण कुमार मिश्रा ने बताया कि 25 जुलाई को कोटा निलंबित किया गया था। अटैच कोटेदार के यहां 35 क्विंटल राशन भेजा गया था और रविवार को कुछ और राशन निवर्तमान कोटेदार ने उपलब्ध कराया है। उन्होंने कहा कि 18 अगस्त तक 117 क्विंटल राशन अटैच कोटेदार को उपलब्ध नहीं कराया गया तो निवर्तमान कोटेदार बालालखन्दर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। संवाद