मंडल में आठ उपकेंद्रों की क्षमतावृद्धि की जाएगी। इस पर पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे। शासन से इसकी स्वीकृति भी मिल चुकी है। आठ उपकेंद्रों की क्षमतावृद्धि होने से करीब चार सौ से अधिक गांवों के लोगों को ओवरलोड और ट्रिपिंग की समस्या से निजात मिल सकेगी।
मंडल में विभिन्न् भार के लगभग साढ़े 14 लाख उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं को 179 उपकेंद्रों से बिजली की आपूर्ति होती है। इनमें से कई उपकेंद्र ऐसे हैं जहां पर क्षमतावृद्धि न होने से ओवरलोड के कारण ट्रिपिंग की समस्या बनी हुई है।
इसके कारण खासकर गर्मियों में उपभोक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अभी बिजनेस प्लान 2024-25 में 18 उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि की गई थी।
इस सत्र में भी बिजनेस प्लान में मंडल के तीनों जनपदों में आठ उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि करने का प्रस्ताव विभाग ने भेजा था। इसकी भी स्वीकृति मिल चुकी है। इन उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि का काम भी जल्द शुरू होगा। इससे करीब चार सौ गांवों के लोगों को ओवरलोड और ट्रिपिंग की समस्या से निजात मिल सकेगी।
इसमें आजमगढ़ में 101 लाख से दो, मऊ में 85 लाख से एक और बलिया में 332 लाख से पांच उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि की जाएगी। मुख्य अभियंता वितरण इंजीनियर रामबाबू ने बताया कि इस सत्र में मंडल में आठ उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि की मंजूरी मिल चुकी है। इस पर पांच करोड़ से अधिक खर्च होंगे। जल्द ही उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि का काम शुरू कराया जाएगा।