आजमगढ़। गर्मी के दिनों में उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। ओवरलोड की समस्या से जूझ रहे 33/11 के 35 पॉवर हाउसों की क्षमता वृद्धि का काम पूरा हो चुका है। वहीं, विभिन्न क्षमता के 175 नए ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं।
जनपद में विभिन्न भार के 6.90 लाख उपभोक्ता हैं और 33/11 के 88 उपकेंद्र हैं। इन उपभोक्ताओं तक बिजली पहुंचाने के लिए 40 हजार वितरण ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं।
इस समय फरवरी चल रही है और दिन का तापमान 29 से 30 डिग्री तक पहुंच जा रहा है। मई, जून में गर्मी और बिजली की मांग काफी बढ़ेगी।
बिजली की मांग बढ़ने से इसका सीधा असर पावर और वितरण ट्रांसफार्मरों पर पड़ता है। पिछले साल बिजली की खपत अधिक होने से मोहम्मदपुर, अहरौला, मेंहनगर, बरदह, रानीपुर, जहानागंज आदि उपकेंद्रों पर ट्रिपिंग की समस्या बढ़ गई थी।
हालांकि पिछली बार की स्थिति को भांपते हुए विभाग इस बार उपभोक्ताओं तक निर्बाध बिजली पहुंचाने के लिए सभी तैयारी को पूरा करने का दावा कर रहा है, ताकि अगले माह से बढ़ने वाली गर्मी में किसी प्रकार की कोई समस्या न हो। ओवरलोड की समस्या से जूझ रहे आजमगढ़ प्रथम सर्किल में 19 और द्वितीय में 16 पावर हाउसों की क्षमता वृद्धि का काम पूरा हो चुका है।
इन पावर हाउस पर पांच एमबीए के ट्रांसफॉर्मर को हटाकर 10 एमबीए का ट्रांसफॉर्मर लगाया गया है। इसके अलावा दोनों सर्किलों में विभिन्न क्षमता के 175 नए वितरण ट्रांसफॉर्मर लगाए जा चुके हैं। पहले से लगे 1412 वितरण ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि की जा चुकी है। इसके अलावा 32 जगहों पर 11 केवी और 100 से अधिक स्थानों पर एलटी लाइन खींची गई हैं।
इन सब व्यवस्थाओं के साथ विभाग गर्मी के दिनों में उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराएगी।