आजमगढ़। बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क के तत्वावधान में साकेत बचाओ, विरासत बचाओ अभियान के तहत सोमवार को हरबंशपुर बौद्ध विहार में प्रदर्शन किया और अंत में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। जिला प्रभारी सुबाष चंद्र बौद्ध ने कहा कि अयोध्या में मंदिर निर्माण के तहत हुई खोदाई में वहां पर काफी संख्या में 21 मई को बौद्ध की मूर्तियां और अवशेष मिले थे। इससे यह साबित होता है कि वहां बौद्धिस्ट नगर अर्थात साकेत नगर रहा है। सरकार ने जानबूझ कर वहां मंदिर-मस्जिद का मुद्दा उठा दिया। जबकि उस भूमि को पुरातत्व विभाग को सौंप देनी चाहिए।
लाल बहादुर त्यागी ने कहा कि बाबरी मस्जिद के अंदर रामलला की मूर्ति को रखकर राजनैतिक विवाद खड़ा कर दिया गया और धार्मिक भावनाओं को भड़का कर मस्जिद को ध्वस्त करा दिया गया। बिना प्रमाण के भाजपा मूलनिवासियों के साथ षड्यंत्र कर रही है। खुदाई के दौरान मिलने वाले बौद्ध अवशेष से यह साबित हो गया कि वहां पर बुद्ध की साकेत नगरी रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि उस भूमि को अगर पुरातत्व के हवाले नहीं किया गया तो यह आंदोलन पूरे भारत में चलाया जाए। इस अवसर पर दुर्ग विजय यादव, जितेंद्र, फूलचंद्र बौद्ध, दीपांकर बौद्ध, धर्मेंद्र चौहान, राजू यादव, मनोज कुमार, सुधाकर सिंदे, निर्मल यादव आदि रहे।